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Rampur Bushahar News: रोहड़ू मेले ने पकड़ी रफ्तार, बाहरी व्यापारियों के आने से बढ़ी रौनक
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रोहडू मेले में व्यापारियों के पंहुचने से सजने लगी दुकानें। संवाद
तीसरे दिन से बढ़ी चहल-पहल
कपड़े, खिलौने और घरेलू सामान के सजे स्टॉल
खानपान और हस्तशिल्प कारोबारी भी पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में अब व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे गति पकड़ने लगी हैं। शुरुआती दिनों में कम संख्या में पहुंचे व्यापारियों के बाद अब बाहरी राज्यों और क्षेत्रों से व्यापारी मेले में पहुंचने लगे हैं। इससे आने वाले दिनों में रौनक और बढ़ने की उम्मीद है।
इस वर्ष पांच दिवसीय मेला 19 से शुरू हुआ, जो 23 अप्रैल तक आधिकारिक रूप से आयोजित किया जाएगा। हालांकि, मेले में लगने वाली दुकानें और अस्थायी बाजार आमतौर पर कई दिनों तक चलते रहते हैं। मेले के पहले दो-तीन दिनों में व्यापारिक गतिविधियां अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई थीं। मैदान में सीमित स्टॉल ही नजर आए। इससे माहौल थोड़ा फीका रहा। हालांकि, आयोजकों और स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि तीसरे दिन से बाहरी व्यापारियों के पहुंचने के साथ मेले में चहल-पहल बढ़ेगी, जो अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है।
कपड़े, खिलौने, घरेलू सामान, खानपान और हस्तशिल्प से जुड़े व्यापारी बड़ी संख्या में मेले में पहुंच रहे हैं और स्टॉल सजा रहे हैं। रोहड़ू मेले की खासियत यह है कि इसकी आधिकारिक अवधि भले ही पांच दिन की हो, लेकिन यहां लगने वाली दुकानें 15 से 20 दिनों तक भी चलती हैं। इसी कारण व्यापारी मेले के मध्य और अंतिम चरण में अधिक सक्रिय रहते हैं।
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मेले की आर्थिक सफलता काफी हद तक बाहरी व्यापारियों की भागीदारी पर निर्भर मानी जाती है। जैसे-जैसे व्यापारियों की संख्या बढ़ती है, बाजार का दायरा भी विस्तृत होता है और स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज के ग्रामीणों की आवाजाही भी बढ़ती है। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
प्रशासन और मेला समिति को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में मेले में भीड़ अपने चरम पर पहुंचेगी और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से रफ्तार पकड़ लेंगी।
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कपड़े, खिलौने और घरेलू सामान के सजे स्टॉल
खानपान और हस्तशिल्प कारोबारी भी पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में अब व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे गति पकड़ने लगी हैं। शुरुआती दिनों में कम संख्या में पहुंचे व्यापारियों के बाद अब बाहरी राज्यों और क्षेत्रों से व्यापारी मेले में पहुंचने लगे हैं। इससे आने वाले दिनों में रौनक और बढ़ने की उम्मीद है।
इस वर्ष पांच दिवसीय मेला 19 से शुरू हुआ, जो 23 अप्रैल तक आधिकारिक रूप से आयोजित किया जाएगा। हालांकि, मेले में लगने वाली दुकानें और अस्थायी बाजार आमतौर पर कई दिनों तक चलते रहते हैं। मेले के पहले दो-तीन दिनों में व्यापारिक गतिविधियां अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई थीं। मैदान में सीमित स्टॉल ही नजर आए। इससे माहौल थोड़ा फीका रहा। हालांकि, आयोजकों और स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि तीसरे दिन से बाहरी व्यापारियों के पहुंचने के साथ मेले में चहल-पहल बढ़ेगी, जो अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है।
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कपड़े, खिलौने, घरेलू सामान, खानपान और हस्तशिल्प से जुड़े व्यापारी बड़ी संख्या में मेले में पहुंच रहे हैं और स्टॉल सजा रहे हैं। रोहड़ू मेले की खासियत यह है कि इसकी आधिकारिक अवधि भले ही पांच दिन की हो, लेकिन यहां लगने वाली दुकानें 15 से 20 दिनों तक भी चलती हैं। इसी कारण व्यापारी मेले के मध्य और अंतिम चरण में अधिक सक्रिय रहते हैं।
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मेले की आर्थिक सफलता काफी हद तक बाहरी व्यापारियों की भागीदारी पर निर्भर मानी जाती है। जैसे-जैसे व्यापारियों की संख्या बढ़ती है, बाजार का दायरा भी विस्तृत होता है और स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज के ग्रामीणों की आवाजाही भी बढ़ती है। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
प्रशासन और मेला समिति को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में मेले में भीड़ अपने चरम पर पहुंचेगी और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से रफ्तार पकड़ लेंगी।

रोहडू मेले में व्यापारियों के पंहुचने से सजने लगी दुकानें। संवाद