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Rampur Bushahar News: डोडरा-क्वार में ऑल वेदर सड़क बनी आफत, 35 परिवारों के घरों पर भूस्खलन का खतरा

Sat, 25 Jul 2026 11:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:54 PM IST
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बरसात में सड़क के नीचे की पहाड़ियां लगातार खिसक रहीं
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घर, खेत और सेब के बगीचे भूस्खलन के गंभीर खतरे में
ग्रामीणों का आरोप, निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय और ढलान संरक्षण नहीं किए
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। दुर्गम डोडरा-क्वार उपमंडल को उत्तराखंड से जोड़ने वाली ऑल वेदर सड़क स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। मोराला से आली खड्ड तक करीब ढाई किलोमीटर सड़क निर्माण के बाद 35 परिवारों के घर, खेत और सेब के बगीच भूस्खलन के गंभीर खतरे में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय और ढलान संरक्षण नहीं किए गए।
बरसात शुरू होते ही सड़क के नीचे की पहाड़ियां लगातार खिसक रही हैं। भूस्खलन से कई स्थानों पर उपजाऊ भूमि बह गई है। सेब के बगीचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके घरों की नींव तक खतरे में आ गई है। कई जगह सड़क भी धंसने लगी है। इससे आने वाले समय में आवागमन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
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पूर्व उपप्रधान केशव राम, राम कृष्ण और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण में उचित निकासी व्यवस्था, सुरक्षा दीवारें और ढलान को मजबूत करने के उपाय नहीं किए गए। इसका खामियाजा अब गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
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ग्रामीणों ने पंचायत के माध्यम से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग है। तत्काल सुरक्षा कार्य शुरू कराने पर जोर दिया गया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना होता है, न कि संकट पैदा करना।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को कागजी दावों से बाहर निकलना चाहिए। मौके पर वास्तविक स्थिति का आकलन करना आवश्यक है। इससे बरसात में बड़े नुकसान से पहले स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
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