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तीन दिन बाद एनएच पांच पर शुरू हुई वाहनों की आवाजाही
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नारकंडा में एनएच बहाल होने के बाद हजारों यात्रियों ने ली राहत की सांस
- फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर/सांगला। शिमला और किन्नौर जिले में भारी बर्फबारी से प्रभावित जनजीवन अभी तक सामान्य नहीं हो पाया है। हजारों लोग अभी भी दुश्वारियां झेल रहे हैं। सोमवार को तीन दिन से बाधित नेशनल हाईवे पांच नारकंडा के पास वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया। हालांकि किन्नौर और रामपुर के अधिकांश रूट अभी भी प्रभावित हैं। किन्नौर जिले में एक ग्रामीण रूट को छोड़ कर शेष सभी रूट ठप पड़े हैं।
सोमवार को तीन दिन बाद नेशनल हाईवे पांच नारकंडा यातायात के लिए बहाल हो गया। परिवहन निगम प्रबंधन की बसें अब नारकंडा से शिमला की ओर जा रही हैं। रामपुर उपमंडल के 25 रूट यातायात के लिए प्रभावित हैं, जिनमें बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों को सुरक्षित स्थानों तक ही भेजा जा रहा है। वहीं किन्नौर जिले में दो सप्ताह बाद भी करीब 53 रूट वाहनों की आवाजाही के लिए ठप पड़े हैं। जिले की छितकुल और कुन्नोचारंग पंचायत में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। क्षेत्र के छह ट्रांसफार्मर अभी भी दुरुस्त नहीं हो पाए हैं, जिस कारण हजारों ग्रामीण बिना बिजली परेशानियां झेलने के लिए मजबूर हैं। भारत तिब्बत सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवान भी विद्युत आपूर्ति के बगैर सेवाएं दे रहे हैं।
परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भाग चंद के अनुसार सोमवार से नारकंडा में एनएच बहाल होने के बाद निगम की बसों को शिमला भेजा जा रहा है। उपमंडल के 25 रूटों पर सुरक्षित स्थानों तक बसें भेजी जा रही हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग के एसडीओ अशोक नेगी और राहुल सूद के अनुसार बाधित मार्गों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और करीब 300 मजदूर तैनात किए गए हैं। फिसलन और बर्फबारी के चलते मार्गों को बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के अधिशासी अभियंता टाशी नेगी के अनुसार मौजूदा समय में जिले में छह ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बोर्ड कर्मी ट्रांसफार्मरों को दुरूस्त करने में जुटे हैं, जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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सोमवार को तीन दिन बाद नेशनल हाईवे पांच नारकंडा यातायात के लिए बहाल हो गया। परिवहन निगम प्रबंधन की बसें अब नारकंडा से शिमला की ओर जा रही हैं। रामपुर उपमंडल के 25 रूट यातायात के लिए प्रभावित हैं, जिनमें बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों को सुरक्षित स्थानों तक ही भेजा जा रहा है। वहीं किन्नौर जिले में दो सप्ताह बाद भी करीब 53 रूट वाहनों की आवाजाही के लिए ठप पड़े हैं। जिले की छितकुल और कुन्नोचारंग पंचायत में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। क्षेत्र के छह ट्रांसफार्मर अभी भी दुरुस्त नहीं हो पाए हैं, जिस कारण हजारों ग्रामीण बिना बिजली परेशानियां झेलने के लिए मजबूर हैं। भारत तिब्बत सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवान भी विद्युत आपूर्ति के बगैर सेवाएं दे रहे हैं।
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परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भाग चंद के अनुसार सोमवार से नारकंडा में एनएच बहाल होने के बाद निगम की बसों को शिमला भेजा जा रहा है। उपमंडल के 25 रूटों पर सुरक्षित स्थानों तक बसें भेजी जा रही हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग के एसडीओ अशोक नेगी और राहुल सूद के अनुसार बाधित मार्गों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और करीब 300 मजदूर तैनात किए गए हैं। फिसलन और बर्फबारी के चलते मार्गों को बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के अधिशासी अभियंता टाशी नेगी के अनुसार मौजूदा समय में जिले में छह ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बोर्ड कर्मी ट्रांसफार्मरों को दुरूस्त करने में जुटे हैं, जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

भावानगर के नजदीक लूतूक्सा में तीन घंटे के बाद बहाल हुआ एनएच-5- फोटो : RAMPUR-HP
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