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Rampur Bushahar News: सातवीं पीढ़ी के बाद साहिल ठाकुर बने ऋषि मार्कण्डेय के नए गूर
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सातवीं पीढ़ी के बाद साहिल ठाकुर बने ऋषि मार्कण्डेय के नए गूर
. नए माली चुने जाने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। देवभूमि हिमाचल की सदियों पुरानी देव परंपराओं में आस्था और विश्वास आज भी कायम है। वीरवार रात को देवता श्री मार्कण्डेय ऋषि महाराज ने सातवीं पीढ़ी के बाद अपने नए माली गूर का चयन किया। देव परंपरा के अनुसार युवा साहिल ठाकुर को नया माली (गूर) चुना गया। बताया जा रहा है कि वर्षों से चली आ रही इस देव परंपरा में सातवीं पीढ़ी के बाद नए माली गूर का चयन होना अपने-आप में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना है। इस धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही और माहौल पूरी तरह आस्था एवं भक्ति से सराबोर रहा। देव परंपरा से जुड़े लोगों के अनुसार माली गूर की भूमिका देवता और श्रद्धालुओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। देव आस्था में विश्वास रखने वाले लोगों ने साहिल ठाकुर के चयन को देव शक्ति का आशीर्वाद बताते हुए इसे क्षेत्र के लिए शुभ अवसर बताया। साहिल ठाकुर के नए माली चुने जाने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। श्रद्धालुओं ने ऋषि मार्कण्डेय महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए नए माली गूर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वर्षों पुरानी इस परंपरा के ऐतिहासिक साक्षात्कार के बाद क्षेत्र में श्रद्धालुओं और देव समाज में उत्साह बना हुआ है। लोगों ने इसे देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत की निरंतरता का प्रतीक बताया।
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. नए माली चुने जाने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। देवभूमि हिमाचल की सदियों पुरानी देव परंपराओं में आस्था और विश्वास आज भी कायम है। वीरवार रात को देवता श्री मार्कण्डेय ऋषि महाराज ने सातवीं पीढ़ी के बाद अपने नए माली गूर का चयन किया। देव परंपरा के अनुसार युवा साहिल ठाकुर को नया माली (गूर) चुना गया। बताया जा रहा है कि वर्षों से चली आ रही इस देव परंपरा में सातवीं पीढ़ी के बाद नए माली गूर का चयन होना अपने-आप में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना है। इस धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही और माहौल पूरी तरह आस्था एवं भक्ति से सराबोर रहा। देव परंपरा से जुड़े लोगों के अनुसार माली गूर की भूमिका देवता और श्रद्धालुओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। देव आस्था में विश्वास रखने वाले लोगों ने साहिल ठाकुर के चयन को देव शक्ति का आशीर्वाद बताते हुए इसे क्षेत्र के लिए शुभ अवसर बताया। साहिल ठाकुर के नए माली चुने जाने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। श्रद्धालुओं ने ऋषि मार्कण्डेय महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए नए माली गूर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वर्षों पुरानी इस परंपरा के ऐतिहासिक साक्षात्कार के बाद क्षेत्र में श्रद्धालुओं और देव समाज में उत्साह बना हुआ है। लोगों ने इसे देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत की निरंतरता का प्रतीक बताया।