{"_id":"681c8aee2f21f0d0b4093a23","slug":"rampur-project-organized-sutlej-aradhana-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-134593-2025-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी को भारतीय संस्कृति में मां के रूप में पूज्य माना जाता है : मारवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी को भारतीय संस्कृति में मां के रूप में पूज्य माना जाता है : मारवाह
विज्ञापन
412 मेगावाट रामपुर परियोजना की ओर से बुधवार शाम को सतलुज आराधना करते परियोजना अधिकारी और पंडित
रामपुर परियोजना ने सतलुज आराधना का किया आयोजन
नदी और जल संसाधनों के सरंक्षण का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 412 मेगावाट रामपुर परियोजना ने बुधवार शाम को सतलुज आराधना का आयोजन किया। सतलुज आराधना रामपुर परियोजना प्रमुख विकास मारवाह की अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण, पारंपरिक पूजा विधि और जल आरती के साथ हुई। परियोजना प्रमुख विकास मारवाह ने कहा कि नदी को भारतीय संस्कृति में मां के रूप में पूज्य माना जाता है और इसी भावना को पुन: जीवित करते हुए यह आयोजन नदियों की पवित्रता, संरक्षण और महत्व पर जनमानस को जागरूक करने के लिए किया गया। कहा कि नदियां न केवल हमारे प्राकृतिक संसाधन हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर भी हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में नदियों के प्रति श्रद्धा, जिम्मेदारी और जागरुकता को बढ़ाना है। उन्होंने नदी की ऐतिहासिक, धार्मिक और पारिस्थितिकीय महत्व पर प्रकाश डाला। मारवाह ने कहा कि एसजेवीएन अपने नैतिक दायित्वों की प्रतिपूर्ति करता रहेगा।
- संवाद
विज्ञापन
नदी और जल संसाधनों के सरंक्षण का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 412 मेगावाट रामपुर परियोजना ने बुधवार शाम को सतलुज आराधना का आयोजन किया। सतलुज आराधना रामपुर परियोजना प्रमुख विकास मारवाह की अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण, पारंपरिक पूजा विधि और जल आरती के साथ हुई। परियोजना प्रमुख विकास मारवाह ने कहा कि नदी को भारतीय संस्कृति में मां के रूप में पूज्य माना जाता है और इसी भावना को पुन: जीवित करते हुए यह आयोजन नदियों की पवित्रता, संरक्षण और महत्व पर जनमानस को जागरूक करने के लिए किया गया। कहा कि नदियां न केवल हमारे प्राकृतिक संसाधन हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर भी हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में नदियों के प्रति श्रद्धा, जिम्मेदारी और जागरुकता को बढ़ाना है। उन्होंने नदी की ऐतिहासिक, धार्मिक और पारिस्थितिकीय महत्व पर प्रकाश डाला। मारवाह ने कहा कि एसजेवीएन अपने नैतिक दायित्वों की प्रतिपूर्ति करता रहेगा।
- संवाद

412 मेगावाट रामपुर परियोजना की ओर से बुधवार शाम को सतलुज आराधना करते परियोजना अधिकारी और पंडित
विज्ञापन