{"_id":"650bc8d41f198ba18f008530","slug":"rampur-news-shrahali-fairjatra-faircelebration-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1035-5723-2023-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: हाथों में मशालें जलाकर किया देवताओं का अभिनंदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: हाथों में मशालें जलाकर किया देवताओं का अभिनंदन
विज्ञापन
रोहड़ू। शराचली क्षेत्र के ढाडी ग्राम में मंगलवार रात जागरा महोत्सव का आयोजन किया गया। जागरे में शराचली क्षेत्र के दर्जनों गांव के हजारों लोगों ने भाग लिया। जागरे का आयोजन देवता महाराज देशमोलिया और देवता महाराज क्यांलू के आशीर्वाद से किया गया। क्षेत्र में जागरा महोत्सव का आयोजन 17 सितंबर से शुरू हुआ है।
मंगलवार 19 सितंबर की रात ढाडी में देवता महाराज देशमोलिया के जागरे का आयोजन हुआ। इस मौके पर देवत महाराज क्यांलू विशेष रूप से उपस्थित रहे। जागरे में विशेष रूप से लकड़ी की बिंडाली (मशाल) जलाकर लोगों ने देवता का अभिनंदन किया। इस दौरान हाथ में मशाल लिए देवता के अभिनंदन में लोगों ने ..तू बरमा न जाए विरसुए.. गीत की धुन पर नृत्य करते रहे।
देवता के अभिनंदन में गाए जाने वाला यह विशेष गीत हर वर्ष जागरा महोत्सव में देवता की स्वीकृति के बाद गाया जाता है। देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने और गांव में सुख-समृद्धि लाने के लिए ग्रामीण रातभर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाचते रहे। देवताओं के गुरों का नृत्य भी महोत्सव का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
विज्ञापन
रातभर चले जागरा महोत्सव को देखने के लिए हजारों की संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। देशमोलिया देवता के बजीर सुरेंद्र पुनाटू और देवता क्यांलू के गुर ब्रह्मानंद शर्मा, देवता देशमोलिया के गुर जगत राम पनाटू ने बताया कि हर वर्ष जागरा महोत्सव पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। जागरा में क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग देवता के अभिनंदन के लिए पहुंचते हैं। मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
विज्ञापन
मंगलवार 19 सितंबर की रात ढाडी में देवता महाराज देशमोलिया के जागरे का आयोजन हुआ। इस मौके पर देवत महाराज क्यांलू विशेष रूप से उपस्थित रहे। जागरे में विशेष रूप से लकड़ी की बिंडाली (मशाल) जलाकर लोगों ने देवता का अभिनंदन किया। इस दौरान हाथ में मशाल लिए देवता के अभिनंदन में लोगों ने ..तू बरमा न जाए विरसुए.. गीत की धुन पर नृत्य करते रहे।
विज्ञापन
देवता के अभिनंदन में गाए जाने वाला यह विशेष गीत हर वर्ष जागरा महोत्सव में देवता की स्वीकृति के बाद गाया जाता है। देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने और गांव में सुख-समृद्धि लाने के लिए ग्रामीण रातभर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाचते रहे। देवताओं के गुरों का नृत्य भी महोत्सव का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
विज्ञापन
रातभर चले जागरा महोत्सव को देखने के लिए हजारों की संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। देशमोलिया देवता के बजीर सुरेंद्र पुनाटू और देवता क्यांलू के गुर ब्रह्मानंद शर्मा, देवता देशमोलिया के गुर जगत राम पनाटू ने बताया कि हर वर्ष जागरा महोत्सव पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। जागरा में क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग देवता के अभिनंदन के लिए पहुंचते हैं। मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।