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Rampur Bushahar News: मकर संक्रांति पर देवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
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मकर संक्रांति को देवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़ 16 दिनों के स्वर्ग प्रवास को निकले क्षेत्र के शमशरी महादेव
मंदिर में नहीं होगी पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। मकर संक्रांति को आउटर सराज के मंदिरों में हजारों की संख्या में भक्तों ने शीश नवाया। दूर-दूर से क्षेत्र के लोग अपने आराध्य के दर्शनों के लिए पुहंचे। क्षेत्र के शमशरी महादेव, खेगसू की कुष्मांडा देवी, बैहनी महादेव, दलाश के जोगेश्वर महादेव, खुड्डीजल देवता, कुंइर महादेव, कुंगशी महादेव और बिननी नाग सहित अन्य मंदिरों में दिनभर लोगों का तांता लगा रहा। सभी मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना हुई और नियमानुसार देव-परंपरा का निर्वहन किया गया। क्षेत्र के शमशरी महादेव मंदिर में हजारों सालों से चली आ रही देव-परंपरा के अनुसार लोगों को देवता के इतिहास को देखने का मौका मिला। यहां गूर के माध्यम से लोगों को खुशहाली का आशीष मिला। इसके बाद देवता 16 दिनों के लिए स्वर्ग प्रवास पर चले गए। मान्यता है कि देवता स्वर्ग से शक्तियां अर्जित करने के बाद मंदिर में प्रवेश करते हैं। अब शमशर मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंदिर कमेटी के पुजारी देवराज शर्मा ने बताया कि अब मंदिरों में 16 दिनों तक पूजा-अर्चना नहीं होगी। देवता 16 प्रविष्टे को देवालय लौटेंगे। इसके बाद यहां विधिवत देव झाड़े का विशाल आयोजन होगा और मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना की जाएगी।
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मंदिर में नहीं होगी पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। मकर संक्रांति को आउटर सराज के मंदिरों में हजारों की संख्या में भक्तों ने शीश नवाया। दूर-दूर से क्षेत्र के लोग अपने आराध्य के दर्शनों के लिए पुहंचे। क्षेत्र के शमशरी महादेव, खेगसू की कुष्मांडा देवी, बैहनी महादेव, दलाश के जोगेश्वर महादेव, खुड्डीजल देवता, कुंइर महादेव, कुंगशी महादेव और बिननी नाग सहित अन्य मंदिरों में दिनभर लोगों का तांता लगा रहा। सभी मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना हुई और नियमानुसार देव-परंपरा का निर्वहन किया गया। क्षेत्र के शमशरी महादेव मंदिर में हजारों सालों से चली आ रही देव-परंपरा के अनुसार लोगों को देवता के इतिहास को देखने का मौका मिला। यहां गूर के माध्यम से लोगों को खुशहाली का आशीष मिला। इसके बाद देवता 16 दिनों के लिए स्वर्ग प्रवास पर चले गए। मान्यता है कि देवता स्वर्ग से शक्तियां अर्जित करने के बाद मंदिर में प्रवेश करते हैं। अब शमशर मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंदिर कमेटी के पुजारी देवराज शर्मा ने बताया कि अब मंदिरों में 16 दिनों तक पूजा-अर्चना नहीं होगी। देवता 16 प्रविष्टे को देवालय लौटेंगे। इसके बाद यहां विधिवत देव झाड़े का विशाल आयोजन होगा और मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना की जाएगी।