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Rampur Bushahar News: 15/20 के कोट गांव में भूस्खलन की चपेट में आए आधा दर्जन घर
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल दुर्गम क्षेत्र 15/20 में भारी बारिश के कारण लबाना-सदाना पंचायत के कोट गांव में आधा दर्जन से ज्यादा घर भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। घरों के गिरने के खतरे को देखते हुए सात परिवारों ने मकान खाली कर दिए हैं। मजबूरी में लोगों को भरी बरसात में रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ रही है।
वीरवार को पंचायत प्रधान सुशीला खन्ना, उपप्रधान रविकांत, पटवारी शिव सिंह और गृहरक्षक प्रतिभा ठाकुर ने गांव में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से भी मिले। मकान सुरक्षित नहीं होने के कारण कोट गांव के सात परिवारों के पास भरी बरसात में अपने और परिवार के सिर ढकने का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ से प्रभावित चंद्र घागता, पुत्र स्व. मेहर सिंह, फूला सिंह, पुत्र स्व. शिव लाल, राम सरन कायथ, पुत्र स्व. रतन दास, जालंधर, पुत्र स्व. रतन दास, राम कुमार, पुत्र सार चंद, सुरेंद, पुत्र शोभा राम और विद्या सागर, पुत्र देवू राम ने बताया कि उन्होंने सारे जीवन की कमाई लगाकर रहने को मकान बनाया था लेकिन भारी बारिश के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं। इससे मकान गिरने के कगार में पहुंच गए हैं।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि उनको फौरी राहत और तंबू का जल्द प्रावधान करें। उन्होंने दोबारा मकान बनाने के लिए सुरक्षित जगह पर जमीन, पर्याप्त सहायता राशि और वन विभाग से टीडी में सहयोग करने की मांग की है। पंचायत प्रधान ने बताया कि प्रभावित लोगों की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से बात कर तिरपाल का प्रावधान किया जा रहा है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि पटवारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कोट गांव भेजा गया है। प्रभावितों को तिरपाल भी भेज दिए गए हैं।
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वीरवार को पंचायत प्रधान सुशीला खन्ना, उपप्रधान रविकांत, पटवारी शिव सिंह और गृहरक्षक प्रतिभा ठाकुर ने गांव में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से भी मिले। मकान सुरक्षित नहीं होने के कारण कोट गांव के सात परिवारों के पास भरी बरसात में अपने और परिवार के सिर ढकने का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ से प्रभावित चंद्र घागता, पुत्र स्व. मेहर सिंह, फूला सिंह, पुत्र स्व. शिव लाल, राम सरन कायथ, पुत्र स्व. रतन दास, जालंधर, पुत्र स्व. रतन दास, राम कुमार, पुत्र सार चंद, सुरेंद, पुत्र शोभा राम और विद्या सागर, पुत्र देवू राम ने बताया कि उन्होंने सारे जीवन की कमाई लगाकर रहने को मकान बनाया था लेकिन भारी बारिश के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं। इससे मकान गिरने के कगार में पहुंच गए हैं।
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उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि उनको फौरी राहत और तंबू का जल्द प्रावधान करें। उन्होंने दोबारा मकान बनाने के लिए सुरक्षित जगह पर जमीन, पर्याप्त सहायता राशि और वन विभाग से टीडी में सहयोग करने की मांग की है। पंचायत प्रधान ने बताया कि प्रभावित लोगों की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से बात कर तिरपाल का प्रावधान किया जा रहा है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि पटवारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कोट गांव भेजा गया है। प्रभावितों को तिरपाल भी भेज दिए गए हैं।
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