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Rampur Bushahar News: ओपीडी में पहुंचने पर डॉक्टर बोला, पहले पर्ची काटने के लिए स्टाफ को बुलाओ
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दुर्गम क्षेत्र के अस्पताल में चार डॉक्टर तैनात, मरीजों को उपचार के लिए घंटों करना पड़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिमला के अतिदुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार के क्वार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को ओपीडी में जांच करवाने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालत यह है कि अस्पताल की ओपीडी सुबह साढ़े ग्यारह से पौने बारह बजे के बाद ही शुरू होती है। इससे पहले कोई गंभीर मरीज भी पहुंचे तो उसको बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों की जिंदगी राम भरोसे चल रही है। हैरानी इस बात की है कि यह हाल उस समय है जब सरकार ने स्वास्थ्य संस्थान में चार डाक्टरों को नियुक्त किया है लेकिन सिंगल लाइन प्रशासनिक प्रणाली के कारण डाॅक्टरों और अन्य स्टाफ की निगरानी भगवान भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य संस्थान में सोमवार 29 जनवरी को सुबह करीब साढे ग्यारह बजे एक महिला बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लेकिन अस्पताल के दरवाजे बंद थे। वहां तैनात डाॅक्टर को आवास से बुलाया गया तो जवाब मिला अभी पर्ची बनाने वाला स्टाफ ही नहीं आया आप यहां के लोकल हैं ताे उनको बुलाकर लाओ। इसके बाद तैनात डाॅक्टर ने करीब एक घंटे का समय नहाने और पूजा-पाठ में बीता दिया। इस दौरान महिला बीमार बच्चे के साथ डॉक्टर और स्टाफ के आने का इंतजार करती रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस प्रकार के मामले सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थान में आए दिन सामने आते हैं। यह हाल उस समय है, जब स्वास्थ्य केंद्र में एक नहीं चार डाॅक्टरों के साथ एक लैब तकनीशियन और दो अन्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र का सबसे बड़े अस्पताल में सेवाएं देने के लिए स्टाफ ने आपस में दिन बांटे है जबकि अन्य दिनों में ज्यादातर कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं। अस्पताल में हर रोज तीस से पचास लोगों की ओपीडी है। लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी की गई है लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हिमपात के बाद यहां के लोगों को छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए सड़क बंद होने के बाद मुख्य सड़क तक पहुंचने में करीब एक दिन का समय लग जाता है लेकिन अस्पताल की व्यवस्था दुर्गम क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। वहीं लोगों की बेबसी यह है कि उनकी कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है।
कोट्स
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्वार में तैनात कर्मचारी सुबह साढे ग्यारह बजे के बाद ही अस्पताल में पहुंचते हैं। इस वजह से बच्चे का सोमवार सुबह उपचार समय पर नहीं हो सका। यहां पर चार डाॅक्टर जरूर तैनात हैं। उनमें एक डाॅक्टर रात्रि सेवा और दो डाॅक्टर अवकाश पर हैं।
डाॅ. सचिन
कोट्स
डोडरा क्वार उपमंडल के स्वास्थ्य संस्थानों में सिंगल लाइन प्रशासनिक प्रणाली के चलते स्टाफ की निगरानी और अवकाश एसडीएम क्वार देखते है। एसडीएम के तबादला आदेश हो चुके हैं और नए अभी पहुंचे नहीं है। टीकाकरण और अन्य जिम्मेवारी भी उनके पास रहती है। इसके लिए समय-समय पर हैल्थ सुपरवाइजर को निर्देश दिए जा रहे हैं।
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डॉ. रोहित धवन, बीएमओ चिड़गांव
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिमला के अतिदुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार के क्वार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को ओपीडी में जांच करवाने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालत यह है कि अस्पताल की ओपीडी सुबह साढ़े ग्यारह से पौने बारह बजे के बाद ही शुरू होती है। इससे पहले कोई गंभीर मरीज भी पहुंचे तो उसको बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों की जिंदगी राम भरोसे चल रही है। हैरानी इस बात की है कि यह हाल उस समय है जब सरकार ने स्वास्थ्य संस्थान में चार डाक्टरों को नियुक्त किया है लेकिन सिंगल लाइन प्रशासनिक प्रणाली के कारण डाॅक्टरों और अन्य स्टाफ की निगरानी भगवान भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य संस्थान में सोमवार 29 जनवरी को सुबह करीब साढे ग्यारह बजे एक महिला बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लेकिन अस्पताल के दरवाजे बंद थे। वहां तैनात डाॅक्टर को आवास से बुलाया गया तो जवाब मिला अभी पर्ची बनाने वाला स्टाफ ही नहीं आया आप यहां के लोकल हैं ताे उनको बुलाकर लाओ। इसके बाद तैनात डाॅक्टर ने करीब एक घंटे का समय नहाने और पूजा-पाठ में बीता दिया। इस दौरान महिला बीमार बच्चे के साथ डॉक्टर और स्टाफ के आने का इंतजार करती रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस प्रकार के मामले सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थान में आए दिन सामने आते हैं। यह हाल उस समय है, जब स्वास्थ्य केंद्र में एक नहीं चार डाॅक्टरों के साथ एक लैब तकनीशियन और दो अन्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र का सबसे बड़े अस्पताल में सेवाएं देने के लिए स्टाफ ने आपस में दिन बांटे है जबकि अन्य दिनों में ज्यादातर कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं। अस्पताल में हर रोज तीस से पचास लोगों की ओपीडी है। लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी की गई है लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हिमपात के बाद यहां के लोगों को छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए सड़क बंद होने के बाद मुख्य सड़क तक पहुंचने में करीब एक दिन का समय लग जाता है लेकिन अस्पताल की व्यवस्था दुर्गम क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। वहीं लोगों की बेबसी यह है कि उनकी कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है।
कोट्स
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्वार में तैनात कर्मचारी सुबह साढे ग्यारह बजे के बाद ही अस्पताल में पहुंचते हैं। इस वजह से बच्चे का सोमवार सुबह उपचार समय पर नहीं हो सका। यहां पर चार डाॅक्टर जरूर तैनात हैं। उनमें एक डाॅक्टर रात्रि सेवा और दो डाॅक्टर अवकाश पर हैं।
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डाॅ. सचिन
कोट्स
डोडरा क्वार उपमंडल के स्वास्थ्य संस्थानों में सिंगल लाइन प्रशासनिक प्रणाली के चलते स्टाफ की निगरानी और अवकाश एसडीएम क्वार देखते है। एसडीएम के तबादला आदेश हो चुके हैं और नए अभी पहुंचे नहीं है। टीकाकरण और अन्य जिम्मेवारी भी उनके पास रहती है। इसके लिए समय-समय पर हैल्थ सुपरवाइजर को निर्देश दिए जा रहे हैं।
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डॉ. रोहित धवन, बीएमओ चिड़गांव