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Rampur Bushahar News: आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र जवालडा में चिकित्सक और फार्मासिस्ट के पद खाली
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उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर जाने को मजबूर लोग, पदों को भरने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह से चरमराई हुुई हैं। ननखड़ी तहसील के तहत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र जवालडा में पिछले दो सालों से चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर की दौड़ लगानी पड़ रही है। रिक्त पदों के कारण यहां पर हजारों लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे चल रहा है। हालत यह है कि मात्र चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के हवाले स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। ऐसे में मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। बीते दो वर्ष से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक अधिकारी, एक एएनएम और आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट का पद खाली है। मजबूरी में क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। इसमें गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे अधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, दिनेश, हेमराज, प्रोमिला, सीता और कौशल्या ने सरकार और विभाग से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है, जिससे ग्रामीणों को घरद्वार पर उपचार की सुविधा मिल सके। उधर, बीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार समय रहते रिक्त पदों को भरेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह से चरमराई हुुई हैं। ननखड़ी तहसील के तहत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र जवालडा में पिछले दो सालों से चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर की दौड़ लगानी पड़ रही है। रिक्त पदों के कारण यहां पर हजारों लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे चल रहा है। हालत यह है कि मात्र चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के हवाले स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। ऐसे में मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। बीते दो वर्ष से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक अधिकारी, एक एएनएम और आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट का पद खाली है। मजबूरी में क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। इसमें गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे अधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, दिनेश, हेमराज, प्रोमिला, सीता और कौशल्या ने सरकार और विभाग से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है, जिससे ग्रामीणों को घरद्वार पर उपचार की सुविधा मिल सके। उधर, बीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार समय रहते रिक्त पदों को भरेगी।