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Rampur Bushahar News: इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि योजना जारी रखने की मांग को लेकर गरजी सीटू और किसान सभा

Wed, 27 Mar 2024 05:52 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2024 05:52 PM IST
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एसडीएम कार्यालय रामपुर के बाहर किया प्रदर्शन, भाजपा पर लगाया ओच्छी राजनीति करने का आरोप
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लोस चुनाव से पूर्व लागू हुई सम्मान निधि की अधिसूचना नहीं आचार संहिता का उल्लंघन : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई इंदिरा गांधी प्यारी बहन सुख-सम्मान निधि योजना की अधिसूचना लोकसभा चुनाव से पूर्व की गई है, ऐसे में लोस चुनाव के दौरान भी यह योजना सुचारू रूप से चलनी चाहिए। सीटू, हिमाचल किसान सभा और एसएफआई ने योजना को जारी रखने को लेकर बुधवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोला। एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सेब उत्पादक संघ के राष्ट्रीय संयोजक राकेश सिंघा, हिमाचल किसान सभा जिला कमेटी सदस्य कृष्णा राणा ने कहा कि भाजपा महिलाओं को मिलने वाली 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता का विरोध कर रही है। चुनाव के दौरान इस योजना के कार्यान्वयन पर रोक लगाना भाजपा की ओच्छी राजनीति और महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। जब सरकार ने यह योजना लागू कर दी थी तो भाजपा इस योजना के विरोध में उतर आई है। चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है। लोकसभा चुनाव की आड़ में इस योजना के विरोध से भाजपा की असली सोच बेनकाब हो गई है। किसान व मजदूर नेताओं ने कहा कि यह योजना कुछ महीनों पहले ही लाहौल स्पीति में लागू हो चुकी है और इस योजना से महिलाओं को सम्मान राशि चुनाव की घोषणा से पहले ही मिल रही है। पूरे प्रदेश में योजना को लागू करने की अधिसूचना लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले जारी हो चुकी है और हजारों महिलाओं ने इसके फार्म भी भर दिए हैं। यह किसी भी तरह चुनाव आचार संहिता की उल्लंघन नहीं है, क्योंकि अधिसूचना लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं मुख्यत: कृषि क्षेत्र में कार्यरत है और कृषि आज संकट के दौर में है। इसके अलावा महिलाएं मनरेगा में कुछ रोजगार करती है, परंतु केंद्र की सरकार की ओर से मनरेगा के बजट में कटौती कर इसे लगातार कमजोर किया जा है। इसके चलते सालभर में औसतन 40 दिनों का रोजगार भी नहीं मिल पाता है। प्रदेश की 53 प्रतिशत महिलाओं को खून की कमी है। प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति काफी कमजोर है। 1,500 रुपये की यह राशि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी अहमियत रखती है। इससे इन्कार करना महिलाओं के साथ घोर अन्याय होगा। इस मौके पर देवकी नंद, कुलदीप, रणजीत, प्रेम चौहान, अमित, ललित, परस राम, राहुल विद्यार्थी, सुनील मेहता, रमन, बरगत अली, सतीश, प्रदीप, चंद्र पाल, हरदयाल कपूर, आशा और नीमू सहित अन्य मौजूद रहे।
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