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Rampur Bushahar News: अप्रैल में बारिश ने बढ़ाई किसान और बागवानों की चिंता
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फ्रांसबीन का बीज उगने से पहला सड़ना हुआ शुरू, सेब की फ्लावरिंग प्रभावित होने का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में हो रही झमाझम बारिश ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बीते दो दिनों से शाम को हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे समूचा क्षेत्र ठंड की चपेट में आ गया तो वहीं सेब समेत अन्य फसलों में चल रही फ्लावरिंग भी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। नेरवा में किसानों ने इन दिनों बेंगन, मिर्च, शिमला मिर्च की पनीरी सहित फ्रांस बीन, टमाटर और अन्य नकदी फसलों को लगाया है। तापमान में अप्रत्याशित गिरावट एवं जमीन में नमी होने से जहां खेतों में लगाईं गई पनीरी सहित फ्रांसबीन और अन्य सब्जियों के बीज सड़ना शुरू हो गए हैं। वहीं मटर की फलियों में कालापन आने से इसकी फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। स्थानीय किसान पाणु राम और मान सिंह ने बताया कि उन्होंने बड़े पैमाने पर मटर और फ्रांसबीन लगाईं थी, लेकिन बारिश के चलते फ्रांसबीन का बीज उगने से पहले ही सड़ गया है। इसके अलावा मटर की फलियां काली होना शुरू हो गई हैं उधर सात हजार से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसको भी मौसम के रूख से खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि बागवान स्कैब की रोकथाम के लिए कीटनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं। बागवानी विकास अधिकारी चौपाल श्याम शर्मा ने बागवानों को सलाह दी कि सेब में लगने वाले स्कैब रोग की रोकथाम के लिए विभाग की ओर से जारी छिड़काव सारिणी की अनुपालना करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में हो रही झमाझम बारिश ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बीते दो दिनों से शाम को हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे समूचा क्षेत्र ठंड की चपेट में आ गया तो वहीं सेब समेत अन्य फसलों में चल रही फ्लावरिंग भी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। नेरवा में किसानों ने इन दिनों बेंगन, मिर्च, शिमला मिर्च की पनीरी सहित फ्रांस बीन, टमाटर और अन्य नकदी फसलों को लगाया है। तापमान में अप्रत्याशित गिरावट एवं जमीन में नमी होने से जहां खेतों में लगाईं गई पनीरी सहित फ्रांसबीन और अन्य सब्जियों के बीज सड़ना शुरू हो गए हैं। वहीं मटर की फलियों में कालापन आने से इसकी फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। स्थानीय किसान पाणु राम और मान सिंह ने बताया कि उन्होंने बड़े पैमाने पर मटर और फ्रांसबीन लगाईं थी, लेकिन बारिश के चलते फ्रांसबीन का बीज उगने से पहले ही सड़ गया है। इसके अलावा मटर की फलियां काली होना शुरू हो गई हैं उधर सात हजार से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसको भी मौसम के रूख से खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि बागवान स्कैब की रोकथाम के लिए कीटनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं। बागवानी विकास अधिकारी चौपाल श्याम शर्मा ने बागवानों को सलाह दी कि सेब में लगने वाले स्कैब रोग की रोकथाम के लिए विभाग की ओर से जारी छिड़काव सारिणी की अनुपालना करें।

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