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Rampur Bushahar News: बारिश से सड़कें क्षतिग्रस्त एचआरटीसी की 18 बसें विभिन्न रूटों पर फंसी
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चौपाल (रोहड़ू)। विधानसभा क्षेत्र चौपाल में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त होकर रह गया है। चौदह दिन बीतने के बाद भी अभी तक जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। बारिश के शुरूआती दौर में ही उपमंडल चौपाल और कुपवी की करीब सौ सड़कें बंद हो गई थीं।
विभाग ने इसमें करीब अस्सी प्रतिशत सड़कों को छोटे वाहनों के लिए बहाल किया है। सड़कों पर अधिक भूस्खलन होने या सुरक्षा दीवारें टूटने की वजह से इन सड़कों पर बड़े वाहनों की आवाजाही अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। एचआरटीसी की अठारह बसें पिछले तेरह दिन से अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में फंसी हुई हैं।
इन क्षेत्रों में फंसी बाइस बसों में सोलन डिपो की मधाना और बिजमल से दो और थरोच से केवल एक बस ही बुधवार तक निकल पाई है। सड़कों के अवरुद्ध होने का टमाटर के दामों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। फेडिज़पुल में सड़क बंद होने से नेरवा को सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस वजह से शहर में सब्जियों की कमी भी नजर आने लगी है। बार-बार भूस्खलन होने की वजह से नेरवा से चौपाल के लिए एचआरटीसी की बस सेवा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। यहीं नहीं नेरवा-चौपाल सड़क लोक निर्माण विभाग का भी इम्तिहान ले रही है।
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नेरवा-चौपाल सड़क लोक निर्माण विभाग का भी कड़ा इम्तिहान ले रही है। यह मार्ग भूस्खलन होने से बार-बार अवरुद्ध हो जाती है। जलशक्ति विभाग अधिकांश बंद योजनाओं को अस्थाई रूप से बहाल कर लोगों को राहत प्रदान कर रहा है लेकिन भूस्खलन ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी है। वहीं एचआरटीसी की अठारह बसें पिछले तेरह दिन से अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में फंसी हुई है।
इन क्षेत्रों में फंसी बाइस बसों में से सोलन डिपो की मधाना और बिजमल से दो, थरोच से एक बस बुधवार तक निकल पाई है। इन दिनों निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब का तुड़ान शुरू हो चुका है जबकि टमाटर सीजन पहले से ही जारी है लेकिन नेरवा-पांवटा मार्ग में फेडिजपुल के समीप सड़क टूटने और नेरवा-चौपाल मार्ग के बीच अवरुद्ध होने से किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पंहुचाने में मुश्किलें पेश आ रही हैं।
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विभाग ने इसमें करीब अस्सी प्रतिशत सड़कों को छोटे वाहनों के लिए बहाल किया है। सड़कों पर अधिक भूस्खलन होने या सुरक्षा दीवारें टूटने की वजह से इन सड़कों पर बड़े वाहनों की आवाजाही अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। एचआरटीसी की अठारह बसें पिछले तेरह दिन से अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में फंसी हुई हैं।
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इन क्षेत्रों में फंसी बाइस बसों में सोलन डिपो की मधाना और बिजमल से दो और थरोच से केवल एक बस ही बुधवार तक निकल पाई है। सड़कों के अवरुद्ध होने का टमाटर के दामों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। फेडिज़पुल में सड़क बंद होने से नेरवा को सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस वजह से शहर में सब्जियों की कमी भी नजर आने लगी है। बार-बार भूस्खलन होने की वजह से नेरवा से चौपाल के लिए एचआरटीसी की बस सेवा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। यहीं नहीं नेरवा-चौपाल सड़क लोक निर्माण विभाग का भी इम्तिहान ले रही है।
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नेरवा-चौपाल सड़क लोक निर्माण विभाग का भी कड़ा इम्तिहान ले रही है। यह मार्ग भूस्खलन होने से बार-बार अवरुद्ध हो जाती है। जलशक्ति विभाग अधिकांश बंद योजनाओं को अस्थाई रूप से बहाल कर लोगों को राहत प्रदान कर रहा है लेकिन भूस्खलन ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी है। वहीं एचआरटीसी की अठारह बसें पिछले तेरह दिन से अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में फंसी हुई है।
इन क्षेत्रों में फंसी बाइस बसों में से सोलन डिपो की मधाना और बिजमल से दो, थरोच से एक बस बुधवार तक निकल पाई है। इन दिनों निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब का तुड़ान शुरू हो चुका है जबकि टमाटर सीजन पहले से ही जारी है लेकिन नेरवा-पांवटा मार्ग में फेडिजपुल के समीप सड़क टूटने और नेरवा-चौपाल मार्ग के बीच अवरुद्ध होने से किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पंहुचाने में मुश्किलें पेश आ रही हैं।