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Rampur Bushahar News: किसान गोष्ठी में अश्व पालकों को किया जागरूक
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अश्वों के खान पान, बीमारियों और उपचार का दिया प्रशिक्षण, प्रदर्शनी में 210 घोड़ों का हुआ पंजीकरण
रामपुर में अश्व पालकों के लिए लगा शिविर, समय पर अश्वों की स्वास्थ्य जांच का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले से पूर्व आयोजित अश्व प्रदर्शनी में इस बार कुल 210 घोड़ों का पंजीकरण किया गया है। मेले में पहुंच रहे घोड़ों का मैदान में उतरते ही व्यापार हो रहा है। बीते वर्षों के मुकाबले इस वर्ष प्रदर्शनी में अधिक घोड़े पहुंचे हैं। रामपुर के पाटबंगला मैदान में आयोजित अश्व प्रदर्शनी के दूसरे दिन पशुपालकों के लिए पशुपालन विभाग ने किसान गोष्ठी का आयोजन भी किया। इसमें पशुपालकों को विशेषज्ञों ने पशुओं के रख रखाव, बीमारियां, खानपान, दवाओं और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पशुपालकों को चलचित्र के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विभाग के चिकित्सकों ने पशुओं की बेहतर नस्ल कैसे हासिल की जा सकती है, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। पशुपालकों को बताया गया कि पशुओं की समय-समय पर चिकित्सकों से जांच करवानी चाहिए, जिससे उन्हें किसी भी भयानक बीमारी से बचाया जा सके। शिविर में सहायक निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. विपिन शर्मा और डॉ. अमित अत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। पशुपालन विभाग रामपुर के डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी के पहले दिन रामपुर, ब्रौ, जगातखाना और चूहाबाग में 210 पशुओं का पंजीकरण कर उन्हें विभाग की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं को देना आरंभ कर दिया गया है। स्पीति के चामुर्थी घोड़े भी प्रदर्शनी में लाए गए हैं। प्रदर्शनी में सेना की ओर से आरवीसी यूनिट द्वारा मैदान में एक मेडिकल शिविर लगाया गया है। कर्नल योगेश डोगरा, कमांडिंग अधिकारी अवेरी पट्टी, डॉ. मोनिका, डॉ. अक्षय और प्रवेश कुमार द्वारा अश्व पालकों को प्रशिक्षण दिया। प्रदर्शनी के दूसरे दिन तक मैदान में पशुपालकों ने पचास के करीब चामुर्थी घोड़ों का व्यापार कर लिया है। घोड़ों की खरीद -रोख्त के लिए उत्तराखंड, जम्मू एवं कश्मीर, कुल्लू, चंबा और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों से खरीदार पहुंचे हैं।
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रामपुर में अश्व पालकों के लिए लगा शिविर, समय पर अश्वों की स्वास्थ्य जांच का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले से पूर्व आयोजित अश्व प्रदर्शनी में इस बार कुल 210 घोड़ों का पंजीकरण किया गया है। मेले में पहुंच रहे घोड़ों का मैदान में उतरते ही व्यापार हो रहा है। बीते वर्षों के मुकाबले इस वर्ष प्रदर्शनी में अधिक घोड़े पहुंचे हैं। रामपुर के पाटबंगला मैदान में आयोजित अश्व प्रदर्शनी के दूसरे दिन पशुपालकों के लिए पशुपालन विभाग ने किसान गोष्ठी का आयोजन भी किया। इसमें पशुपालकों को विशेषज्ञों ने पशुओं के रख रखाव, बीमारियां, खानपान, दवाओं और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पशुपालकों को चलचित्र के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विभाग के चिकित्सकों ने पशुओं की बेहतर नस्ल कैसे हासिल की जा सकती है, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। पशुपालकों को बताया गया कि पशुओं की समय-समय पर चिकित्सकों से जांच करवानी चाहिए, जिससे उन्हें किसी भी भयानक बीमारी से बचाया जा सके। शिविर में सहायक निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. विपिन शर्मा और डॉ. अमित अत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। पशुपालन विभाग रामपुर के डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी के पहले दिन रामपुर, ब्रौ, जगातखाना और चूहाबाग में 210 पशुओं का पंजीकरण कर उन्हें विभाग की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं को देना आरंभ कर दिया गया है। स्पीति के चामुर्थी घोड़े भी प्रदर्शनी में लाए गए हैं। प्रदर्शनी में सेना की ओर से आरवीसी यूनिट द्वारा मैदान में एक मेडिकल शिविर लगाया गया है। कर्नल योगेश डोगरा, कमांडिंग अधिकारी अवेरी पट्टी, डॉ. मोनिका, डॉ. अक्षय और प्रवेश कुमार द्वारा अश्व पालकों को प्रशिक्षण दिया। प्रदर्शनी के दूसरे दिन तक मैदान में पशुपालकों ने पचास के करीब चामुर्थी घोड़ों का व्यापार कर लिया है। घोड़ों की खरीद -रोख्त के लिए उत्तराखंड, जम्मू एवं कश्मीर, कुल्लू, चंबा और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों से खरीदार पहुंचे हैं।