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Rampur Bushahar News: दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर 20 वर्ष कठोर कारावास, 20 हजार रुपये जुर्माना
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर एक युवक को 20 वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने गौतम नेगी पुत्र लोबजंग गांव बरी तहसील निचार जिला किन्नौर को पोक्सो एक्ट के तहत यह सजा सुनाई है।
फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने कहा कि 25 मई, 2020 को नाबालिग पीड़िता जब अपने पशुओं को बगीचे में चरा रही थी तो उसको बहला फुसलाकर आरोपी अपने साथ गांव बरी ले गया, जहां से दोनों एक गाड़ी में लिफ्ट लेकर भावानगर गए। यहां पर आरोपी ने पीड़िता को अपने दोस्त के कमरे में ठहराया और रात को उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। भावानगर से अगले दिन पीड़िता को बधाल ले गया, जहां पर आरोपी पीड़िता के साथ किसी रिश्तेदार के घर रुका और वहां पर भी शारीरिक संबंध बनाए। 28 मई, 2020 को पुलिस ने दोनों को दोगरी में पकड़ा और दोनों को पुलिस स्टेशन ले आई।
गौरतलब है कि पीड़िता की उम्र 14 वर्ष होने के कारण अपराध की गंभीरता अधिक मानी गई। अदालत में कुल 25 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन विभाग द्वारा प्रस्तुत तथ्य को सच मानते हुए आरोपी को नाबालिग को भगाने व शारीरिक संबंध बनाने के जुर्म में 20 वर्ष कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उपजिला न्यायवादी केएस जरयाल और कमल चंदेल ने की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर एक युवक को 20 वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने गौतम नेगी पुत्र लोबजंग गांव बरी तहसील निचार जिला किन्नौर को पोक्सो एक्ट के तहत यह सजा सुनाई है।
फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने कहा कि 25 मई, 2020 को नाबालिग पीड़िता जब अपने पशुओं को बगीचे में चरा रही थी तो उसको बहला फुसलाकर आरोपी अपने साथ गांव बरी ले गया, जहां से दोनों एक गाड़ी में लिफ्ट लेकर भावानगर गए। यहां पर आरोपी ने पीड़िता को अपने दोस्त के कमरे में ठहराया और रात को उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। भावानगर से अगले दिन पीड़िता को बधाल ले गया, जहां पर आरोपी पीड़िता के साथ किसी रिश्तेदार के घर रुका और वहां पर भी शारीरिक संबंध बनाए। 28 मई, 2020 को पुलिस ने दोनों को दोगरी में पकड़ा और दोनों को पुलिस स्टेशन ले आई।
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गौरतलब है कि पीड़िता की उम्र 14 वर्ष होने के कारण अपराध की गंभीरता अधिक मानी गई। अदालत में कुल 25 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन विभाग द्वारा प्रस्तुत तथ्य को सच मानते हुए आरोपी को नाबालिग को भगाने व शारीरिक संबंध बनाने के जुर्म में 20 वर्ष कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उपजिला न्यायवादी केएस जरयाल और कमल चंदेल ने की।
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