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Rampur Bushahar News: परियोजना प्रभावित किसानों की लंबित मांगों को लेकर निरमंड में प्रदर्शन

Tue, 25 Aug 2026 11:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:29 PM IST
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Protest in Nirmand over the pending demands of project-affected farmers
निरमंड एसडीएम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते रामपुर परियोजना प्रभावित। स्रोत : सीटू
. एसडीएम कार्यालय के बाहर गरजे प्रभावित, प्रदूषण का मुआवजा और रॉयल्टी राशि न मिलने पर रोष
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संवाद न्यूज एजेंसी

निरमंड (कुल्लू)। रामपुर परियोजना प्रभावित किसानों की लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को निरमंड में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में परियोजना प्रभावित गड़ेच, बाहवा, बाड़ी, कशोली, पोषना, ब्रौ, जगातखाना, तुनन, बक्खन, खरगा और कुशवा पंचायतों के किसानों ने भाग लिया। इस दौरान एसडीएम के माध्यम से ऊर्जा निदेशक शिमला को मांगपत्र भेजा गया। प्रदर्शन को हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा, राज्य सचिव देवकी नंद, जिला अध्यक्ष रणजीत ठाकुर, महासचिव प्रेम चौहान, पूर्ण ठाकुर, सुभाष, दयाल भाटनू और कुलदीप ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि 412 मेगावाट परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में पूरा हो गया था। इसके बाद बिजली उत्पादन शुरू हो गया था। परियोजना से प्रभावित परिवारों को कुल बिजली उत्पादन का एक प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में प्रतिवर्ष दिया जाना था, लेकिन अभी तक वर्ष 2019-20 तक की ही रॉयल्टी का भुगतान किया गया है। शेष राशि अब तक प्रभावित परिवारों को नहीं मिली है। किसान सभा नेताओं ने कहा कि परियोजना निर्माण के दौरान धूल के कारण फसलों को हुए नुकसान का वर्ष 2012-13 और 2013-14 का मुआवजा भी प्रभावित परिवारों को नहीं दिया गया है। इससे किसानों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें हर वर्ष रॉयल्टी के रूप में मिलने वाली राशि से परिवार का पालन-पोषण करने में सहायता मिलेगी लेकिन समय पर भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार, ऊर्जा विभाग और प्रशासन पर किसानों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान सभा इस मामले को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आम जनता को संगठित कर आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में कुलदीप, परस राम, दुर्गा नंद, प्रताप, डोल्मा देवी, कृष्णा, शिवानी, फूला देवी, पूर्वा, रीता, हीरा सिंह, मान सिंह, फकीर चंद, दाता राम, जवाहर लाल, जगदीश, पुष्पा देवी, आशीष, बलदेव, संतोष, श्याम मुरारी, पेगा राम और वेद जोशी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।


बैठक कर प्रशासन ने दिया आश्वासन

प्रदर्शन के बाद किसान सभा प्रतिनिधिमंडल की एसडीएम जगदीप सिंह राठौर के साथ बैठक हुई, जिसमें लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि करीब 900 प्रभावित परिवारों को ढाई महीने के भीतर रॉयल्टी का भुगतान कर दिया जाएगा। साथ ही इन मुद्दों पर आगामी 15 सितंबर को निरमंड में किसान सभा के साथ बैठक करने पर सहमति बनी।
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