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समय रहते बागवानों की समस्याओं का हो समाधान : नैंटा
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रोहडू। कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया संयोजक अक्षय सिंह नैंटा ने कहा कि सेब सीजन के लिए बागवानों की चिंता लगातार बढ़ रही हैं। सरकार की ओर से समय पर पहल नहीं हुई तो बागवान बर्बाद हो जाएंगे। पहले ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सही आकलन कर किसानों को उचित मुआवजे का प्रावधान किया जाए।
नैंटा ने सरकार से आग्रह किया हैं कि बागवानों के उत्पाद के विपणन के ळिए घर-द्वार तक सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। विभिन्न राज्यों के सेब खरीदारों (लदानी) से समय रहते संपर्क स्थापित कर उनका पंजीकरण किया जाए। सेब खरीद व विपणन में शिमला, सोलन और कुल्लू एपीएमसी के साथ एचपीएमसी को शामिल किया जाए। बागवानों से पेटियों और ट्रे का मूल्य ज्यादा वसूला जा रहा है। सरकार ने कहीं भी इसके लिए कोई कदम नहीं उठाए। सेब सीजन को मात्र डेढ़ माह का समय शेष है ऐसे में समय रहते बागवानों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती राज्यों से श्रमिकों को लाने के लिए ई-पास बनवाने के लिए उपमंडलाधिकारी तथा तहसीलदारों को अधिकृत किया जाए। सरकार पूर्व की तरह एचपीएमसी व हिमफैड के माध्यम से बागवानों को नियंत्रित दरों पर पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करे। बागवानों का ओलों से भारी नुकसान हुआ है, इसलिए सरकार मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब का कम से कम मूल्य 30 प्रति किलो करे।
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नैंटा ने सरकार से आग्रह किया हैं कि बागवानों के उत्पाद के विपणन के ळिए घर-द्वार तक सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। विभिन्न राज्यों के सेब खरीदारों (लदानी) से समय रहते संपर्क स्थापित कर उनका पंजीकरण किया जाए। सेब खरीद व विपणन में शिमला, सोलन और कुल्लू एपीएमसी के साथ एचपीएमसी को शामिल किया जाए। बागवानों से पेटियों और ट्रे का मूल्य ज्यादा वसूला जा रहा है। सरकार ने कहीं भी इसके लिए कोई कदम नहीं उठाए। सेब सीजन को मात्र डेढ़ माह का समय शेष है ऐसे में समय रहते बागवानों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती राज्यों से श्रमिकों को लाने के लिए ई-पास बनवाने के लिए उपमंडलाधिकारी तथा तहसीलदारों को अधिकृत किया जाए। सरकार पूर्व की तरह एचपीएमसी व हिमफैड के माध्यम से बागवानों को नियंत्रित दरों पर पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करे। बागवानों का ओलों से भारी नुकसान हुआ है, इसलिए सरकार मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब का कम से कम मूल्य 30 प्रति किलो करे।
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