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Rampur Bushahar News: उन्नू महादेव में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
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सुबह 4:00 बजे से मंदिर में जुटने शुरू हुए श्रद्धालु, दिनभर चलता रहा सिलसिला
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। नेशनल हाईवे पांच पर शिमला से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर उन्नू महादेव मंदिर ज्यूरी में मकर संक्रांति पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। बारिश के बावजूद शनिवार को सुबह चार बजे से शाम तक श्रद्धालुओं का उन्नू महादेव के प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मों में स्नान करने का सिलसिला चलता रहा। ज्यूरी स्थित उन्नू महादेव का क्षेत्र ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। इस कारण प्राचीन काल से ही रामपुर और किन्नौर क्षेत्र के लोग यहां हिंदू पर्वों के दिन यहां बने कुंडों में स्नान करते हैं। उन्नू महादेव के प्राकृतिक गर्म स्रोत में गंधक पाया जाता है। इससे यहां स्नान करने से चर्म रोगों में फायदा मिलता है। ज्यूरी, सराहन, रामपुर और किन्नौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सभी श्रद्धालु गर्म पानी में डुबकी लगाकर यहां उन्नू महादेव की पूजा-अर्चना भी करते हैं। किन्नौर और सराहन क्षेत्र से यहां पहुंचे कमलेश, प्रीति, पूनम, यशोधा, मीना, बबलू, प्रदीप, संजय, संतोष और पवन ने बताया हर वर्ष मकर संक्रांति को यहां पानी में डुबकी लगाने आते हैं लेकिन यहां पर पर्याप्त कुंड नहीं होने से श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसे तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्नू महादेव के महंत बाबा मस्तगिरी ने बताया कि ऐतिहासिक तीर्थ स्थल का अपना विशेष महत्व है। यहां से श्रीखंड महादेव, किन्नर कैलाश को हर साल हजारों श्रद्धालु यात्रा शुरू करते हैं। इतना ही नहीं प्राचीन काल में यहां लोग तीर्थ नहाने के साथ-साथ अस्थियों को भी विसर्जित करते थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। नेशनल हाईवे पांच पर शिमला से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर उन्नू महादेव मंदिर ज्यूरी में मकर संक्रांति पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। बारिश के बावजूद शनिवार को सुबह चार बजे से शाम तक श्रद्धालुओं का उन्नू महादेव के प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मों में स्नान करने का सिलसिला चलता रहा। ज्यूरी स्थित उन्नू महादेव का क्षेत्र ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। इस कारण प्राचीन काल से ही रामपुर और किन्नौर क्षेत्र के लोग यहां हिंदू पर्वों के दिन यहां बने कुंडों में स्नान करते हैं। उन्नू महादेव के प्राकृतिक गर्म स्रोत में गंधक पाया जाता है। इससे यहां स्नान करने से चर्म रोगों में फायदा मिलता है। ज्यूरी, सराहन, रामपुर और किन्नौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सभी श्रद्धालु गर्म पानी में डुबकी लगाकर यहां उन्नू महादेव की पूजा-अर्चना भी करते हैं। किन्नौर और सराहन क्षेत्र से यहां पहुंचे कमलेश, प्रीति, पूनम, यशोधा, मीना, बबलू, प्रदीप, संजय, संतोष और पवन ने बताया हर वर्ष मकर संक्रांति को यहां पानी में डुबकी लगाने आते हैं लेकिन यहां पर पर्याप्त कुंड नहीं होने से श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसे तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्नू महादेव के महंत बाबा मस्तगिरी ने बताया कि ऐतिहासिक तीर्थ स्थल का अपना विशेष महत्व है। यहां से श्रीखंड महादेव, किन्नर कैलाश को हर साल हजारों श्रद्धालु यात्रा शुरू करते हैं। इतना ही नहीं प्राचीन काल में यहां लोग तीर्थ नहाने के साथ-साथ अस्थियों को भी विसर्जित करते थे।