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Rampur Bushahar News: आनी के दुर्गम गांव के लोगों को सात किमी पैदल चलकर पहुंचाना पड़ रहा दूध
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सड़क होते हुए भी नहीं पहुंच रही वाहन सेवा, एसडीएम कार्यालय के माध्यम से भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी खंड के दुर्गम गांव खादबी, शौहण, धार और काफठी के दुग्ध उत्पादकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन गांव के लिए सड़क का उद्घाटन हो चुका है। जीरो प्वाइंट कठार से शौहण तक मार्ग सभी वाहनों के लिए खुला है। इसके बावजूद दुग्ध उत्पादन की सहकारी सोसायटी का वाहन गांवों तक नहीं पहुंच रहा। स्थिति यह है कि स्थानीय लोगों को रोजाना करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर जीरो प्वाइंट कठार तक दूध लेकर जाना पड़ता है। दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरबिंद्र ने एसडीएम आनी और संबंधित प्लांट अधिकारियों से समस्या को तत्काल संज्ञान लेने की मांग उठाई है। एसडीएम की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने मांग पत्र रीडर बलदेव राज को सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि सोसायटी के सचिव को अपने निजी खर्चे से वाहन किराये पर लेकर दूध को प्लांट तक पहुंचाना पड़ता है, जो बिल्कुल अनुचित है। ग्राम पंचायत बुच्छैर के लोगों ने इस व्यवस्था को दुग्ध उत्पादकों के साथ अन्याय बताया। सामाजिक कार्यकर्ता पदम प्रभाकर ने भी चेतावनी दी कि किसानों का यह शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे 26 नवंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में बड़े स्तर पर भाग लेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी खंड के दुर्गम गांव खादबी, शौहण, धार और काफठी के दुग्ध उत्पादकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन गांव के लिए सड़क का उद्घाटन हो चुका है। जीरो प्वाइंट कठार से शौहण तक मार्ग सभी वाहनों के लिए खुला है। इसके बावजूद दुग्ध उत्पादन की सहकारी सोसायटी का वाहन गांवों तक नहीं पहुंच रहा। स्थिति यह है कि स्थानीय लोगों को रोजाना करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर जीरो प्वाइंट कठार तक दूध लेकर जाना पड़ता है। दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरबिंद्र ने एसडीएम आनी और संबंधित प्लांट अधिकारियों से समस्या को तत्काल संज्ञान लेने की मांग उठाई है। एसडीएम की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने मांग पत्र रीडर बलदेव राज को सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि सोसायटी के सचिव को अपने निजी खर्चे से वाहन किराये पर लेकर दूध को प्लांट तक पहुंचाना पड़ता है, जो बिल्कुल अनुचित है। ग्राम पंचायत बुच्छैर के लोगों ने इस व्यवस्था को दुग्ध उत्पादकों के साथ अन्याय बताया। सामाजिक कार्यकर्ता पदम प्रभाकर ने भी चेतावनी दी कि किसानों का यह शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे 26 नवंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में बड़े स्तर पर भाग लेंगे।