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Rampur Bushahar News: आठारों पर्व से खातक और फूल मालाओं के साथ ब्याही बेटियों को किया विदा
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पानवी में आयोजित अठारो पर्व के दौरान नाटी लगाते ग्रामीण। संवाद
. पानवी में मंदिर परिसर में दिनभर ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में डाली महानाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। पानवी पंचायत में आठारों पर्व चल रहा है। बुधवार को बाहरी क्षेत्रों में ब्याही बेटियों को खातक और फूल मालाओं के साथ विदाई दी। देवता कुलदेव नारायण और नागिन माता के मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों ने नाटी डाली। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर नाटियों का दौर चलाया। मेले के आखिरी दिन महिलाओं की महानाटी आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटी डाली। सुबह से ही मंदिर में महिलाओं और ग्रामीणों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। हजारों लोगों इष्ट देवी देवता के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने देवी-देवताओं को इच्छानुसार भेंट भी दी। मंदिर में नाटियों का दौर चला। मेले में दिनभर वाद्ययंत्रों की धुनों पर ग्रामीण नाचते-गाते रहे। बाहरी क्षेत्र में ब्याही हुई की बेटियाें काे इष्ट देवता कुलदेव नारायण और नागिन माता के कारदारों ने खातक, स्मृति चिह्न और फूल-मालाओं से विदा किया। विदाई के दौरान ग्रामीण काफी भावुक हुए। विवाहित बेटियों की विदाई के साथ तीन दिवसीय आठारों पर्व संपन्न हुआ।
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महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में डाली महानाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। पानवी पंचायत में आठारों पर्व चल रहा है। बुधवार को बाहरी क्षेत्रों में ब्याही बेटियों को खातक और फूल मालाओं के साथ विदाई दी। देवता कुलदेव नारायण और नागिन माता के मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों ने नाटी डाली। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर नाटियों का दौर चलाया। मेले के आखिरी दिन महिलाओं की महानाटी आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटी डाली। सुबह से ही मंदिर में महिलाओं और ग्रामीणों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। हजारों लोगों इष्ट देवी देवता के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने देवी-देवताओं को इच्छानुसार भेंट भी दी। मंदिर में नाटियों का दौर चला। मेले में दिनभर वाद्ययंत्रों की धुनों पर ग्रामीण नाचते-गाते रहे। बाहरी क्षेत्र में ब्याही हुई की बेटियाें काे इष्ट देवता कुलदेव नारायण और नागिन माता के कारदारों ने खातक, स्मृति चिह्न और फूल-मालाओं से विदा किया। विदाई के दौरान ग्रामीण काफी भावुक हुए। विवाहित बेटियों की विदाई के साथ तीन दिवसीय आठारों पर्व संपन्न हुआ।

पानवी में आयोजित अठारो पर्व के दौरान नाटी लगाते ग्रामीण। संवाद

पानवी में आयोजित अठारो पर्व के दौरान नाटी लगाते ग्रामीण। संवाद

पानवी में आयोजित अठारो पर्व के दौरान नाटी लगाते ग्रामीण। संवाद

पानवी में आयोजित अठारो पर्व के दौरान नाटी लगाते ग्रामीण। संवाद