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खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर छात्र, अभिभावकों का प्रदर्शन
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कुपवी के अंतर्गत राजकीय उच्च स्कूल बाग के क्षतिग्रस्त होन के बाद नारेबाजी करते गुस्साए अभिभावक
- फोटो : RAMPUR-HP
नेरवा (रोहडू़)। राजकीय उच्च स्कूल बाग का भवन भूस्खलन से क्षतिग्रस्त होने के बाद विद्यार्थी खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगाने को मजबूर है। इसको लेकर प्रशासन और विभाग की अनदेखी से नाराज अभिभावकों ने वीरवार को स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अभिभावकों ने जमकर नारेबाजी भी की। आनन फानन में मामले की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अभिभावकों को समझाया।
जानकारी के मुताबिक भारी बारिश से 25 सितंबर को आग स्कूल का भवन भूस्खलन के कारण गिर गया था। इससे भवन में रखा सारा सामान और रिकॉर्ड मलबे में दब गया है। भवन गिरने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले 57 विद्यार्थी खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर है। इसके बावजूद प्रशासन ने अभी तक विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं लगाने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
हालांकि स्कूल प्रशासन और स्कूल प्रबंधन समिति ने इसकी सूचना शिक्षा विभाग के आला धिकारियों और कुपवी प्रशासन को उसी दिन दे दी थी। इससे गुस्साए अभिभावक वीरवार को स्कूल में पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष नारायण सिंह सिंघटा ने बताया कि बुधवार को पटवारी को मौके पर भेजा तो गया था, लेकिन वह छात्रों के बैठने की व्यवस्था करने में असमर्थ रहा। पटवारी नुकसान की रिपोर्ट बनाकर लौट गया है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन की तरफ से उदासीनता के बाद स्कूल प्रबंधन समिति और स्कूल स्टाफ ने अपने स्तर पर भवन के मलबे में दबे सामान को निकालकर इसे सुरक्षित करने का प्रयास किया है, लेकिन स्कूल प्रबंधन के समक्ष यहां छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे 57 विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
अध्यापकों ने मजबूरी में मंगलवार को स्कूल के समीप ही खुले आसमान के नीचे और बुधवार को गांव में बने मंदिर परिसर में भी खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगाईं। इस वजह से बारिश होने पर कक्षाएं लगाने के लिए कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। प्रशासन और विभाग की उदासीनता के चलते अब छात्रों के अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही छात्रों की कक्षाएं लगाने के लिए उचित प्रबंध नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।
पटवारी को घटनास्थल पर नुकसान का आकलन करने को भेजा गया था। रिपोर्ट विभाग के आला अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। आज स्वयं घटना स्थल का दौरा कर हालत का जायजा लिया है। फिलहाल कक्षाओं को दूसरे स्थान पर लगाने का इंतजाम कर दिया गया है, जिससे पढ़ाई में बाधा न आए।
नारायण सिंह चौहान, एसडीएम कुपवी
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जानकारी के मुताबिक भारी बारिश से 25 सितंबर को आग स्कूल का भवन भूस्खलन के कारण गिर गया था। इससे भवन में रखा सारा सामान और रिकॉर्ड मलबे में दब गया है। भवन गिरने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले 57 विद्यार्थी खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर है। इसके बावजूद प्रशासन ने अभी तक विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं लगाने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
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हालांकि स्कूल प्रशासन और स्कूल प्रबंधन समिति ने इसकी सूचना शिक्षा विभाग के आला धिकारियों और कुपवी प्रशासन को उसी दिन दे दी थी। इससे गुस्साए अभिभावक वीरवार को स्कूल में पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष नारायण सिंह सिंघटा ने बताया कि बुधवार को पटवारी को मौके पर भेजा तो गया था, लेकिन वह छात्रों के बैठने की व्यवस्था करने में असमर्थ रहा। पटवारी नुकसान की रिपोर्ट बनाकर लौट गया है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन की तरफ से उदासीनता के बाद स्कूल प्रबंधन समिति और स्कूल स्टाफ ने अपने स्तर पर भवन के मलबे में दबे सामान को निकालकर इसे सुरक्षित करने का प्रयास किया है, लेकिन स्कूल प्रबंधन के समक्ष यहां छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे 57 विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
अध्यापकों ने मजबूरी में मंगलवार को स्कूल के समीप ही खुले आसमान के नीचे और बुधवार को गांव में बने मंदिर परिसर में भी खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगाईं। इस वजह से बारिश होने पर कक्षाएं लगाने के लिए कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। प्रशासन और विभाग की उदासीनता के चलते अब छात्रों के अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही छात्रों की कक्षाएं लगाने के लिए उचित प्रबंध नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।
पटवारी को घटनास्थल पर नुकसान का आकलन करने को भेजा गया था। रिपोर्ट विभाग के आला अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। आज स्वयं घटना स्थल का दौरा कर हालत का जायजा लिया है। फिलहाल कक्षाओं को दूसरे स्थान पर लगाने का इंतजाम कर दिया गया है, जिससे पढ़ाई में बाधा न आए।
नारायण सिंह चौहान, एसडीएम कुपवी