{"_id":"67bef621981000808206f9ca","slug":"ortho-and-surgery-equipment-not-available-in-khaneri-hospital-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1032-130523-2025-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: खनेरी अस्पताल में नहीं मिल रहे ऑर्थो और सर्जरी के उपकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: खनेरी अस्पताल में नहीं मिल रहे ऑर्थो और सर्जरी के उपकरण
विज्ञापन
निजी केंद्रों से महंगे दामों पर खरीद रहे हिमकेयर और आयुष्मान योजना के लाभार्थी
मरीजों को नहीं मिल रहे ऑर्थो इम्प्लांट्स, रॉड, प्लेट्स और सर्जरी उपकरण
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जन औषधि केंद्र में बंद हुए थे ये उपकरण बिकने
एक वर्ष से वंचित हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में एक वर्ष से मरीजों को ऑर्थो और सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों खासकर गरीब तबके के मरीजों को उपचार करवाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पहले ऑर्थो इम्प्लांट्स, रॉड, प्लेट्स सहित लोहे से संबंधित सर्जरी के उपकरण अस्पताल में जन औषधि केंद्र के जरिये हिमकेयर और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को मुहैया करवाए जा रहे थे। प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंजूरी के बिना सर्जरी उपकरण बेचने पर जन औषधि केंद्र में इन उपकरणों की बिक्री पर रोक के आदेश जारी कर दिए। उसके बाद मरीज निजी केंद्रों से जाकर ये उपकरण खरीदने को मजबूर हैं। करीब एक वर्ष से लेकिन हिमकेयर और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को इन उपकरणों को खरीदने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
खनेरी अस्पताल में ऑर्थों से जुड़े करीब 200 और सर्जरी से जुड़े 200 मरीज रोजाना पहुंचते हैं। मरीजों को अस्पताल में उपचार तो मिल रहा है, लेकिन उपकरणों के लिए उन्हें निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में हड्डी रोग से जुड़ी संयुक्त प्रतिस्थापन, आघात प्रत्यारोपण, रीढ़ की हड्डी के प्रत्यारोपण, आर्थ्रोस्कोपी प्रत्यारोपण जैसे रोगियों को हजारों रुपये खर्च कर निजी केंद्रों से उपकरण खरीदने पड़ रहे हैं। यदि बात करें प्लेट्स की तो ये प्लेटें जहां योजना के तहत सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं, वहीं मरीज पांच से 25 हजार रुपये खर्च कर इन उपकरणों को खरीदने के लिए मजबूर हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इस कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है। क्षेत्र के पवन, सतीश कुमार, राजेश नेगी, कमल कुमार, संसार चंद, राम लाल, रोशन लाल, जय सिंह सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से खनेरी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इम्प्लांट्स और अन्य उपकरण मुहैया करवाने की मांग की है, ताकि मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को लाभ दिया जा रहा है, लेकिन महंगे इम्प्लांट्स और उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। इस संबंध में जल्द ही टेंडर लगाए जाएंगे। जल्द ही मरीजों को राहत मिलेगी। - डॉ. अजय नेगी, एमएस, खनेरी अस्पताल
विज्ञापन
- संवाद
विज्ञापन
मरीजों को नहीं मिल रहे ऑर्थो इम्प्लांट्स, रॉड, प्लेट्स और सर्जरी उपकरण
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जन औषधि केंद्र में बंद हुए थे ये उपकरण बिकने
एक वर्ष से वंचित हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में एक वर्ष से मरीजों को ऑर्थो और सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों खासकर गरीब तबके के मरीजों को उपचार करवाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पहले ऑर्थो इम्प्लांट्स, रॉड, प्लेट्स सहित लोहे से संबंधित सर्जरी के उपकरण अस्पताल में जन औषधि केंद्र के जरिये हिमकेयर और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को मुहैया करवाए जा रहे थे। प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंजूरी के बिना सर्जरी उपकरण बेचने पर जन औषधि केंद्र में इन उपकरणों की बिक्री पर रोक के आदेश जारी कर दिए। उसके बाद मरीज निजी केंद्रों से जाकर ये उपकरण खरीदने को मजबूर हैं। करीब एक वर्ष से लेकिन हिमकेयर और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को इन उपकरणों को खरीदने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
खनेरी अस्पताल में ऑर्थों से जुड़े करीब 200 और सर्जरी से जुड़े 200 मरीज रोजाना पहुंचते हैं। मरीजों को अस्पताल में उपचार तो मिल रहा है, लेकिन उपकरणों के लिए उन्हें निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में हड्डी रोग से जुड़ी संयुक्त प्रतिस्थापन, आघात प्रत्यारोपण, रीढ़ की हड्डी के प्रत्यारोपण, आर्थ्रोस्कोपी प्रत्यारोपण जैसे रोगियों को हजारों रुपये खर्च कर निजी केंद्रों से उपकरण खरीदने पड़ रहे हैं। यदि बात करें प्लेट्स की तो ये प्लेटें जहां योजना के तहत सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं, वहीं मरीज पांच से 25 हजार रुपये खर्च कर इन उपकरणों को खरीदने के लिए मजबूर हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इस कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है। क्षेत्र के पवन, सतीश कुमार, राजेश नेगी, कमल कुमार, संसार चंद, राम लाल, रोशन लाल, जय सिंह सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से खनेरी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इम्प्लांट्स और अन्य उपकरण मुहैया करवाने की मांग की है, ताकि मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
विज्ञापन
हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को लाभ दिया जा रहा है, लेकिन महंगे इम्प्लांट्स और उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। इस संबंध में जल्द ही टेंडर लगाए जाएंगे। जल्द ही मरीजों को राहत मिलेगी। - डॉ. अजय नेगी, एमएस, खनेरी अस्पताल
विज्ञापन
- संवाद