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सात अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलेंगे लूहरी परियोजना प्रभावित एक हजार किसान : देवकी
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हिमाचल किसान सभा नीरथ में बैठक करते हुए।
नीरथ में आयोजित बैठक में कई ज्वलंत मुद्दों पर किया मंथन
कहा, सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन समस्याओं का निपटारा करने में नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लूहरी परियोजना से प्रभावित एक हजार किसान आगामी सात अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलेंगे। बीते लंबे समय से सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन प्रभावितों की समस्याओं को निपटारा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा हजारों किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यह बात नीरथ में आयोजित बैठक में सचिव देवकी नंद ने कही। शुक्रवार को हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट-210 मेगावाट सचिवालय सदस्यों की बैठक नीरथ विश्राम गृह में आयोजित हुई। बैठक में परियोजना प्रभावितों के मुद्दों पर मंथन किया गया और रोष जताया गया। मांगें पूरी न होने के कारण बैठक में फैसला लिया गया कि सात अगस्त को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से परियोजना प्रभावित पंचायतों का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा, जिसमें करीब एक हजार किसान शामिल होंगे। बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा राज्य सचिव राकेश, प्रेम चौहान और कृष्णा राणा ने कहा कि लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान करने में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम पूरी तरह से नाकाम रहा है। अभी भी धूल, दरारों, रोजगार, लाडा की राशि, पानी की व्यवस्था और शनाह गांव में लगने वाला पुल जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि धूल से फसलों का नुकसान हुआ है। इसका केवल 2021-22 का मुआवजा देहरा, नीरथ और देलठ पंचायत में ही कुछ परिवारों को मिला है। दरारों का मुआवजा भी केवल नीरथ पंचायत में ही दिया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। प्रभावितों में सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सात अगस्त को शिमला की तैयारियों के लिए प्रभावित पंचायतों के गांव-गांव में बैठकें कर किसानों को संगठित कर सदस्यता भी की जाएंगी।
इस मौके पर काकू कश्यप, हरदयाल कपूर, शिक्षा, कपिल, वेद राम, देवेंद्र, पल्स राम, ओपी चौहान, पदम, चमन शर्मा, भगवान दास, धान सिंह, महेंद्र, दर्शन दास, संदीप, नरेश, कृष्ण और हरीश सहित अन्य मौजूद रहे।
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- संवाद
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कहा, सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन समस्याओं का निपटारा करने में नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लूहरी परियोजना से प्रभावित एक हजार किसान आगामी सात अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलेंगे। बीते लंबे समय से सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन प्रभावितों की समस्याओं को निपटारा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा हजारों किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यह बात नीरथ में आयोजित बैठक में सचिव देवकी नंद ने कही। शुक्रवार को हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट-210 मेगावाट सचिवालय सदस्यों की बैठक नीरथ विश्राम गृह में आयोजित हुई। बैठक में परियोजना प्रभावितों के मुद्दों पर मंथन किया गया और रोष जताया गया। मांगें पूरी न होने के कारण बैठक में फैसला लिया गया कि सात अगस्त को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से परियोजना प्रभावित पंचायतों का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा, जिसमें करीब एक हजार किसान शामिल होंगे। बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा राज्य सचिव राकेश, प्रेम चौहान और कृष्णा राणा ने कहा कि लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान करने में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम पूरी तरह से नाकाम रहा है। अभी भी धूल, दरारों, रोजगार, लाडा की राशि, पानी की व्यवस्था और शनाह गांव में लगने वाला पुल जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि धूल से फसलों का नुकसान हुआ है। इसका केवल 2021-22 का मुआवजा देहरा, नीरथ और देलठ पंचायत में ही कुछ परिवारों को मिला है। दरारों का मुआवजा भी केवल नीरथ पंचायत में ही दिया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। प्रभावितों में सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सात अगस्त को शिमला की तैयारियों के लिए प्रभावित पंचायतों के गांव-गांव में बैठकें कर किसानों को संगठित कर सदस्यता भी की जाएंगी।
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इस मौके पर काकू कश्यप, हरदयाल कपूर, शिक्षा, कपिल, वेद राम, देवेंद्र, पल्स राम, ओपी चौहान, पदम, चमन शर्मा, भगवान दास, धान सिंह, महेंद्र, दर्शन दास, संदीप, नरेश, कृष्ण और हरीश सहित अन्य मौजूद रहे।
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