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Rampur Bushahar News: अब रामपुर न्यायालय परिसर में लगेगा निरमंड का सर्किट कोर्ट
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प्रदेश उच्च न्यायालय से मिली मंजूरी, उपमंडल की 32 पंचायतों के हजारों लोगों को राहत
आनी के लिए डेढ़ सौ किलोमीटर आने जाने की समस्या से मिलेगी निजात
दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को नहीं झेलनी पड़ेगी आर्थिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आखिर प्रदेश उच्च न्यायालय ने उपमंडल निरमंड के हजारों ग्रामीणों को राहत दी है। कोरोना काल के बाद बंद हुआ सर्किट कोर्ट निरमंड अब रामपुर स्थित न्यायालय परिसर में लगेगा। महीने के एक सप्ताह में सिविल जज आनी रामपुर में निरमंड उपमंडल के मामलों का निपटारा करेंगे। इसके लिए प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंजूरी दे दी है। इससे निरमंड उपमंडल की 32 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी, समय और आर्थिक समस्याओं से निजात मिलेगी। बार एसोसिएशन निरमंड ने सर्किट कोर्ट निरमंड का रामपुर में संचालन करने पर प्रदेश उच्च न्यायालय का आभार जताया है।
उपमंडल निरमंड के दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों के हजारों लोगों को कोर्ट के मामलों के लिए आनी का सफर करना पड़ रहा था। सतलुज नदी में वर्ष 2000 को आई बाढ़ के कारण निरमंड में लगने वाला सर्किट कोर्ट बंद कर दिया था और निरमंड उपमंडल के लोगों को मामलों के निपटारे और सुनवाई के लिए आनी पहुंचना पड़ रहा था। दुर्गम क्षेत्र के लोगों को आनी आने-जाने में करीब दो सौ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था। इस कारण उन्हें आर्थिक समस्याएं, ठहरने की समस्या और तीन-तीन दिन तक का समय लग रहा था। कोरोना काल से कुछ समय पूर्व निरमंड में सर्किट कोर्ट लगना शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना काल के बाद निरमंड में लगने वाला सर्किट कोर्ट बंद हो गया और क्षेत्र के हजारों लोगों की समस्याएं फिर बढ़ गईं।
निरमंड बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रदेश उच्च न्यायालय से जेएमएफसी कोर्ट और सिविल कोर्ट आनी को पहले की भांति निरमंड में दोबारा सर्किट कोर्ट के रूप में शुरू करने का मुद्दा उठाया था। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से निरमंड में पहले की तरह सर्किट कोर्ट शुरू करने की गुहार लगाई थी। इस पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने हामी भरते हुए क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत देने एलान किया है। अब निरमंड में लगने वाला सर्किट कोर्ट रामपुर स्थित न्यायालय परिसर में लगेगा। हर माह एक सप्ताह के लिए यह कोर्ट रामपुर में चलेगा। इससे निरमंड उपमंडल की 32 पंचायतों के लोगों के कानूनी मसलों का हल किया जाएगा। सर्किट कोर्ट रामपुर में शुरू होने से जहां लोगों को आनी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, वहीं लोग एक दिन में ही कोर्ट संबंधित कार्य को निपटा सकेंगे।
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बार एसोसिएशन निरमंड ने जताया आभार
बार एसोसिएशन निरमंड के अध्यक्ष सीएल डोगरा, अधिवक्ता दिवान सिंह, सुरेश कुमार, रमा सिंह, रिषभ, मोहन ठाकुर, अमर ठाकुर, जिया लाल आजाद ने बताया कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने उपमंडल के हजारों लोगों को राहत दी है। अब निरमंड तहसील के दीवानी और फौजदारी मामलों का निपटारा आनी के बजाय रामपुर में होगा। रामपुर न्यायालय परिसर में निरमंड सर्किट कोर्ट लगने से हजारों लोगों की परेशानी कम होगी। उन्होंने बार एसोसिएशन और क्षेत्र के लोगों की ओर माननीय उच्च न्यायालय का आभार जताया है।
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आनी के लिए डेढ़ सौ किलोमीटर आने जाने की समस्या से मिलेगी निजात
दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को नहीं झेलनी पड़ेगी आर्थिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आखिर प्रदेश उच्च न्यायालय ने उपमंडल निरमंड के हजारों ग्रामीणों को राहत दी है। कोरोना काल के बाद बंद हुआ सर्किट कोर्ट निरमंड अब रामपुर स्थित न्यायालय परिसर में लगेगा। महीने के एक सप्ताह में सिविल जज आनी रामपुर में निरमंड उपमंडल के मामलों का निपटारा करेंगे। इसके लिए प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंजूरी दे दी है। इससे निरमंड उपमंडल की 32 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी, समय और आर्थिक समस्याओं से निजात मिलेगी। बार एसोसिएशन निरमंड ने सर्किट कोर्ट निरमंड का रामपुर में संचालन करने पर प्रदेश उच्च न्यायालय का आभार जताया है।
उपमंडल निरमंड के दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों के हजारों लोगों को कोर्ट के मामलों के लिए आनी का सफर करना पड़ रहा था। सतलुज नदी में वर्ष 2000 को आई बाढ़ के कारण निरमंड में लगने वाला सर्किट कोर्ट बंद कर दिया था और निरमंड उपमंडल के लोगों को मामलों के निपटारे और सुनवाई के लिए आनी पहुंचना पड़ रहा था। दुर्गम क्षेत्र के लोगों को आनी आने-जाने में करीब दो सौ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था। इस कारण उन्हें आर्थिक समस्याएं, ठहरने की समस्या और तीन-तीन दिन तक का समय लग रहा था। कोरोना काल से कुछ समय पूर्व निरमंड में सर्किट कोर्ट लगना शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना काल के बाद निरमंड में लगने वाला सर्किट कोर्ट बंद हो गया और क्षेत्र के हजारों लोगों की समस्याएं फिर बढ़ गईं।
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निरमंड बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रदेश उच्च न्यायालय से जेएमएफसी कोर्ट और सिविल कोर्ट आनी को पहले की भांति निरमंड में दोबारा सर्किट कोर्ट के रूप में शुरू करने का मुद्दा उठाया था। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से निरमंड में पहले की तरह सर्किट कोर्ट शुरू करने की गुहार लगाई थी। इस पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने हामी भरते हुए क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत देने एलान किया है। अब निरमंड में लगने वाला सर्किट कोर्ट रामपुर स्थित न्यायालय परिसर में लगेगा। हर माह एक सप्ताह के लिए यह कोर्ट रामपुर में चलेगा। इससे निरमंड उपमंडल की 32 पंचायतों के लोगों के कानूनी मसलों का हल किया जाएगा। सर्किट कोर्ट रामपुर में शुरू होने से जहां लोगों को आनी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, वहीं लोग एक दिन में ही कोर्ट संबंधित कार्य को निपटा सकेंगे।
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बार एसोसिएशन निरमंड ने जताया आभार
बार एसोसिएशन निरमंड के अध्यक्ष सीएल डोगरा, अधिवक्ता दिवान सिंह, सुरेश कुमार, रमा सिंह, रिषभ, मोहन ठाकुर, अमर ठाकुर, जिया लाल आजाद ने बताया कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने उपमंडल के हजारों लोगों को राहत दी है। अब निरमंड तहसील के दीवानी और फौजदारी मामलों का निपटारा आनी के बजाय रामपुर में होगा। रामपुर न्यायालय परिसर में निरमंड सर्किट कोर्ट लगने से हजारों लोगों की परेशानी कम होगी। उन्होंने बार एसोसिएशन और क्षेत्र के लोगों की ओर माननीय उच्च न्यायालय का आभार जताया है।