{"_id":"683c29751ddf198da500dd9a","slug":"now-every-item-is-available-in-dalash-market-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1032-136217-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: चार दशक पहले जाना पड़ता था शिमला-रामपुर, अब दलाश बाजार में मिलता है हर सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: चार दशक पहले जाना पड़ता था शिमला-रामपुर, अब दलाश बाजार में मिलता है हर सामान
विज्ञापन
सात पंचायतों के केंद्र दलाश बाजार का एक नजारा। संवाद
हाट बाजार : सात पंचायतों का केंद्र है दलाश, ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा भी लोगों को मिल रही
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। उपमंडल आनी की सात पंचायतों के केंद्र दलाश बाजार में चार दशक पहले मात्र छह दुकानें हुआ करती थीं। इन दुकानों में खान-पान की वस्तुएं ही उपलब्ध हुआ करतीं थीं। लोगों को कपड़ा, बागवानी उपकरण, भवन निर्माण सामग्री व अन्य सामान खरीदने के लिए रामपुर और शिमला जाना पड़ता था। बदलते दौर के साथ अब बाजार का स्वरूप बढ़ रहा है। अब यह करीब 130 दुकानों का बाजार है और यहां हर सामान उपलब्ध है। दलाश बाजार में आज रोजमर्रा की चीजों के अलावा हार्डवेयर, पंसारी, बागवानी उपकरण, ज्वेलरी, फर्नीचर, कपड़ा, सब्जी, किराना, बर्तन और प्रिंटिंग प्रेस की दुकानें हैं। पहले लोगों को दलाश बाजार पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल आना पड़ता था, लेकिन अब दलाश में चारों ओर से सड़कों का जाल बिछ चुका है। लोग वाहनों के जरिये आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं, दलाश बाजार अब डिजिटल युग में भी प्रवेश कर चुका है। ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा भी यहां उपलब्ध है। बाजार के अधिकतर दुकानदार गूगल पेमेंट के जरिये भी भुगतान करते हैं। दलाश बाजार में लोगों को नूडल्स, पिज्जा, बरगर, सिड्डू जैसे फास्ट फूड भी खाने को मिल जाता है। बाजार में हिमाचल ग्रामीण बैंक और कांगड़ा बैंक की भी लोगों को सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य सुविधा के मद्देनजर यहां सरकारी अस्पताल भी है, जो जल्द 30 बेड का बनकर तैयार हो रहा है, जबकि तीन निजी क्लिनिक भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे हैं।
कारोबारियों ने कहा
दलाश बाजार के पुराने कारोबारी जिया लाल वर्मा बताते हैं कि समय के साथ दलाश बाजार का आकर बढ़ता गया है। चार दशक पहले यहां करीब 6 दुकानें थीं। लोग रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए यहां आते थे। अब बाजार में दुकानों की संख्या बढ़ गई है, जिससे कारोबार बंट गया है।
दलाश बाजार के कपड़ा व्यापारी राजकुमार सचदेवा का कहना है कि वह काफी लंबे समय से यहां कपड़े का करोबार कर रहे हैं। चार दशक पहले तक बाजार की कारोबार के हिसाब से जो रौनक रहती थी, वह अब कम देखने को मिलती है। गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछने के कारण अब ग्रामीण स्तर पर भी व्यापार हो रहा है। हर गांव में सड़क सुविधा होने के कारण लोग अब गांव में खरीदारी करते हैं।
विज्ञापन
मोबाइल विक्रेता सुनील शर्मा का कहने है कि ऑनलाइन शाॅपिंग से बाजार के कारोबार में बहुत फर्क पड़ा है। लोग दुकानों में आने के बजाय अब ऑनलाइन शॉपिंग से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। उपमंडल आनी की सात पंचायतों के केंद्र दलाश बाजार में चार दशक पहले मात्र छह दुकानें हुआ करती थीं। इन दुकानों में खान-पान की वस्तुएं ही उपलब्ध हुआ करतीं थीं। लोगों को कपड़ा, बागवानी उपकरण, भवन निर्माण सामग्री व अन्य सामान खरीदने के लिए रामपुर और शिमला जाना पड़ता था। बदलते दौर के साथ अब बाजार का स्वरूप बढ़ रहा है। अब यह करीब 130 दुकानों का बाजार है और यहां हर सामान उपलब्ध है। दलाश बाजार में आज रोजमर्रा की चीजों के अलावा हार्डवेयर, पंसारी, बागवानी उपकरण, ज्वेलरी, फर्नीचर, कपड़ा, सब्जी, किराना, बर्तन और प्रिंटिंग प्रेस की दुकानें हैं। पहले लोगों को दलाश बाजार पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल आना पड़ता था, लेकिन अब दलाश में चारों ओर से सड़कों का जाल बिछ चुका है। लोग वाहनों के जरिये आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं, दलाश बाजार अब डिजिटल युग में भी प्रवेश कर चुका है। ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा भी यहां उपलब्ध है। बाजार के अधिकतर दुकानदार गूगल पेमेंट के जरिये भी भुगतान करते हैं। दलाश बाजार में लोगों को नूडल्स, पिज्जा, बरगर, सिड्डू जैसे फास्ट फूड भी खाने को मिल जाता है। बाजार में हिमाचल ग्रामीण बैंक और कांगड़ा बैंक की भी लोगों को सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य सुविधा के मद्देनजर यहां सरकारी अस्पताल भी है, जो जल्द 30 बेड का बनकर तैयार हो रहा है, जबकि तीन निजी क्लिनिक भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे हैं।
कारोबारियों ने कहा
दलाश बाजार के पुराने कारोबारी जिया लाल वर्मा बताते हैं कि समय के साथ दलाश बाजार का आकर बढ़ता गया है। चार दशक पहले यहां करीब 6 दुकानें थीं। लोग रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए यहां आते थे। अब बाजार में दुकानों की संख्या बढ़ गई है, जिससे कारोबार बंट गया है।
विज्ञापन
दलाश बाजार के कपड़ा व्यापारी राजकुमार सचदेवा का कहना है कि वह काफी लंबे समय से यहां कपड़े का करोबार कर रहे हैं। चार दशक पहले तक बाजार की कारोबार के हिसाब से जो रौनक रहती थी, वह अब कम देखने को मिलती है। गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछने के कारण अब ग्रामीण स्तर पर भी व्यापार हो रहा है। हर गांव में सड़क सुविधा होने के कारण लोग अब गांव में खरीदारी करते हैं।
विज्ञापन
मोबाइल विक्रेता सुनील शर्मा का कहने है कि ऑनलाइन शाॅपिंग से बाजार के कारोबार में बहुत फर्क पड़ा है। लोग दुकानों में आने के बजाय अब ऑनलाइन शॉपिंग से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है।

सात पंचायतों के केंद्र दलाश बाजार का एक नजारा। संवाद

सात पंचायतों के केंद्र दलाश बाजार का एक नजारा। संवाद

सात पंचायतों के केंद्र दलाश बाजार का एक नजारा। संवाद