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Rampur Bushahar News: निरमंड को संवार रही आकांक्षी
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देश के पिछड़े ब्लॉकों में शामिल ब्लॉक में स्वास्थ्य, सोशल, बेसिक डेवलपमेंट, शिक्षा और मृदा परीक्षण पर हो रहा काम
प्रदेश भर में मात्र 6 पिछड़े ब्लॉकों को किया गया है शामिल
हर तीन महीने में सभी 6 ब्लॉकों का आपस में होगा आंकलन
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आकांक्षी कुल्लू जिला के निरमंड ब्लॉक के पथ पर विकास की रेखा खींच रही है। इसके तहत निरमंड क्षेत्र को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में संवारा जा रहा है। नीति आयोग ने देशभर के पांच सौ अति पिछड़े ब्लॉकों को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में शामिल किया है। इसमें हिमाचल के छह पिछड़े ब्लॉक शामिल किए हैं। कुल्लू जिला के निरमंड ब्लॉक को भी आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इसका मकसद आकांक्षी से ब्लॉक को प्रेरणादायक ब्लॉक बनाना है। हर तीन महीने में प्रदेश के सभी चयनित ब्लॉकों की आपस में समीक्षा भी की जाएगी। निरमंड में तीन महीने पूर्व शुरू हुई आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम को धरातल पर खरा उतारने के लिए विभिन्न विभागों को तालमेल से कार्य कर सभी योजनाओें को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
इन पर आधारित है कार्यक्रम
आकांक्षी कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, न्यूट्रीशन, बेसिक डेवलपमेंट, सोशल डेवलपमेंट, शिक्षा, एग्रीकल्चर एंड एलाइड सर्विस जैसे अनेक विषयों को शामिल किया है। जिन पर कार्य करण पिछड़े क्षेत्रों को संवारा जा रहा है।
32 पंचायतों में 27 शिविर लगाए जा चुके
आकांक्षी ब्लॉक फेलो ऋषभ काश्यप ने बताया कि तीन महीने में निरमंड ब्लॉक की 32 पंचायतों में 27 से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा छह विषय आधारित आयोजन भी किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य आम जनता को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की जानकारी देना और इसका हिस्सा बनाना था। इसके तहत 11677 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है, जबकि लक्ष्य से अधिक 561 किसानों के मृदा कार्ड बनाए जा चुके हैं। 427 पात्र स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड वितरित किया गया है, जिससे उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। सौ प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को पोषाहार दिया गया है।
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इनपर किया जा रहा काम
आकांक्षी कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की देखभाल, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पोषाहार व गर्भवती महिलाओं की अस्पतालों में प्रसव, मृदा कार्ड बनाना, स्वयं सहायता समूह को सशक्त बनाना जैसे अहम विषयों पर जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा हैं।
आकांक्षी के कार्य को जानने के लिए उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने निरमंड आकर योजना की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने इसी तेजी के साथ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के कार्य में गति लाने के निर्देश जारी किए हैं। आकांक्षी कार्यक्रम के जरिये निरमंड को हर क्षेत्र में संवारा जा रहा है। -मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड
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प्रदेश भर में मात्र 6 पिछड़े ब्लॉकों को किया गया है शामिल
हर तीन महीने में सभी 6 ब्लॉकों का आपस में होगा आंकलन
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आकांक्षी कुल्लू जिला के निरमंड ब्लॉक के पथ पर विकास की रेखा खींच रही है। इसके तहत निरमंड क्षेत्र को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में संवारा जा रहा है। नीति आयोग ने देशभर के पांच सौ अति पिछड़े ब्लॉकों को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में शामिल किया है। इसमें हिमाचल के छह पिछड़े ब्लॉक शामिल किए हैं। कुल्लू जिला के निरमंड ब्लॉक को भी आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इसका मकसद आकांक्षी से ब्लॉक को प्रेरणादायक ब्लॉक बनाना है। हर तीन महीने में प्रदेश के सभी चयनित ब्लॉकों की आपस में समीक्षा भी की जाएगी। निरमंड में तीन महीने पूर्व शुरू हुई आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम को धरातल पर खरा उतारने के लिए विभिन्न विभागों को तालमेल से कार्य कर सभी योजनाओें को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
इन पर आधारित है कार्यक्रम
आकांक्षी कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, न्यूट्रीशन, बेसिक डेवलपमेंट, सोशल डेवलपमेंट, शिक्षा, एग्रीकल्चर एंड एलाइड सर्विस जैसे अनेक विषयों को शामिल किया है। जिन पर कार्य करण पिछड़े क्षेत्रों को संवारा जा रहा है।
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32 पंचायतों में 27 शिविर लगाए जा चुके
आकांक्षी ब्लॉक फेलो ऋषभ काश्यप ने बताया कि तीन महीने में निरमंड ब्लॉक की 32 पंचायतों में 27 से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा छह विषय आधारित आयोजन भी किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य आम जनता को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की जानकारी देना और इसका हिस्सा बनाना था। इसके तहत 11677 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है, जबकि लक्ष्य से अधिक 561 किसानों के मृदा कार्ड बनाए जा चुके हैं। 427 पात्र स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड वितरित किया गया है, जिससे उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। सौ प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को पोषाहार दिया गया है।
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इनपर किया जा रहा काम
आकांक्षी कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की देखभाल, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पोषाहार व गर्भवती महिलाओं की अस्पतालों में प्रसव, मृदा कार्ड बनाना, स्वयं सहायता समूह को सशक्त बनाना जैसे अहम विषयों पर जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा हैं।
आकांक्षी के कार्य को जानने के लिए उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने निरमंड आकर योजना की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने इसी तेजी के साथ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के कार्य में गति लाने के निर्देश जारी किए हैं। आकांक्षी कार्यक्रम के जरिये निरमंड को हर क्षेत्र में संवारा जा रहा है। -मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड