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शहर के वार्डों को मर्ज करने पर पार्षदों ने जताई आपत्ति
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रामपुर बुशहर। नगर परिषद के पुनर्सीमांकन के बाद अब शहर के पार्षदों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। शहर के वार्ड 3-4 और 5-6 को मर्ज करने पर इन वार्डों के पार्षदों और लोगों ने आपत्ति जताई है। इस संबंध में पार्षदों ने पत्र जारी कर अपनी आपत्ति जताई है।
गौरतलब है कि बीते 29 अगस्त को उपायुक्त शिमला ने रामपुर नगर परिषद क्षेत्र का पुनर्सीमांकन कर मुख्य शहर के वार्ड 3-4 और 5-6 को मर्ज कर दो वार्ड बनाने और वार्ड नंबर 8 और 9 का विघटन कर चार वार्ड बनाने की अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के बाद जहां वार्ड आठ और नौ के लोगों ने खुशी जताई, वहीं शहर के चार वार्डों के पार्षदों और लोगों में मायूसी का माहौल बन गया। इसके बाद वार्ड नंबर 3,4,5 और 6 के पार्षदों ने शहर के वार्डों को मर्ज करने पर रोष जताया है। पार्षदों ने उपायुक्त को शिकायत पत्र भेजकर पूर्व की तरह इन वार्डों को रखने की मांग की है। नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा, पार्षद विशेषर लाल, कर्ण शर्मा, नीलम गुप्ता और नरेश नेगी ने उपायुक्त को भेजे आपत्ति पत्र में कहा है कि वार्ड 3-4 और 5-6 को एक-एक वार्ड बनाना जनहित में ठीक नहीं है, इससे लोगों की समस्याओं को केवल एक पार्षद की ओर से सही तरीके से उठाना असंभव है। वार्ड के विकासात्मक कार्यों में भी इससे बाधा उत्पन्न होगी। हालांकि, इन सभी ने वार्ड आठ और नौ का विघटन कर दो नए वार्ड बनाने का समर्थन किया है। सभी ने शहर के इन वार्डों को पूर्व की भांति रखने की मांग की है।
नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा ने बताया कि शहर के वार्डों को मर्ज करने पर पार्षद और वार्ड के लोगों ने आपत्ति जताई है। इस संबंध में उपायुक्त शिमला को पत्र भेजकर वार्डों को पूर्व की भांति रखने की मांग की गई है।
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गौरतलब है कि बीते 29 अगस्त को उपायुक्त शिमला ने रामपुर नगर परिषद क्षेत्र का पुनर्सीमांकन कर मुख्य शहर के वार्ड 3-4 और 5-6 को मर्ज कर दो वार्ड बनाने और वार्ड नंबर 8 और 9 का विघटन कर चार वार्ड बनाने की अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के बाद जहां वार्ड आठ और नौ के लोगों ने खुशी जताई, वहीं शहर के चार वार्डों के पार्षदों और लोगों में मायूसी का माहौल बन गया। इसके बाद वार्ड नंबर 3,4,5 और 6 के पार्षदों ने शहर के वार्डों को मर्ज करने पर रोष जताया है। पार्षदों ने उपायुक्त को शिकायत पत्र भेजकर पूर्व की तरह इन वार्डों को रखने की मांग की है। नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा, पार्षद विशेषर लाल, कर्ण शर्मा, नीलम गुप्ता और नरेश नेगी ने उपायुक्त को भेजे आपत्ति पत्र में कहा है कि वार्ड 3-4 और 5-6 को एक-एक वार्ड बनाना जनहित में ठीक नहीं है, इससे लोगों की समस्याओं को केवल एक पार्षद की ओर से सही तरीके से उठाना असंभव है। वार्ड के विकासात्मक कार्यों में भी इससे बाधा उत्पन्न होगी। हालांकि, इन सभी ने वार्ड आठ और नौ का विघटन कर दो नए वार्ड बनाने का समर्थन किया है। सभी ने शहर के इन वार्डों को पूर्व की भांति रखने की मांग की है।
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नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा ने बताया कि शहर के वार्डों को मर्ज करने पर पार्षद और वार्ड के लोगों ने आपत्ति जताई है। इस संबंध में उपायुक्त शिमला को पत्र भेजकर वार्डों को पूर्व की भांति रखने की मांग की गई है।
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