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क्याणी-लाकाधार सड़क पर सरकारी धन के दुरूपयोग पर दिए विजिलेंस जांच के आदेश
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रोहडू के सीमा में जन मंच में पहुंचे अधिकारी व लोग
- फोटो : RAMPUR-HP
रोहडू़। सीमा महाविद्यालय आयोजित जनमंच में लाकाधार-क्याणी सड़क निर्माण का मुद्दा खूब गर्माया। क्षेत्र के लोगों ने सड़क निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए। हैरानी इस बात की है कि लोनिवि ने करीब चार करोड़ रुपये की रकम खर्च की, इसके बाद भी सड़क बदहाल ही है। हालत यह है कि ग्रामीणों ने करीब 60 लाख रुपये चंदा जुटाकर इसे छोटे वाहनों के चलने लायक बनाया।
लोगों की बात सुनने के बाद मंत्री वीरेंद्र कंवर ने उपायुक्त शिमला को निर्देश दिए कि इस सड़क के निर्माण को लेकर तुरंत विजिलेंस जांच करवाई जाए। ग्रामीणों ने जनमंच के दौरान विभाग की लापरवाही का मुद्दा भी खुलकर उठाया। लाकाधार निवासी सूरत सिंह ने मंत्री को बताया कि ग्रामीणों ने साठ लाख रुपए की चंदा आपस में जुटाकर सड़क को छोटे वाहनों के लिए खुद तैयार किया है। इसके बाद सड़क पर लोक निर्माण विभाग ने करीब चार करोड़ रुपए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत खर्च किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क को नहीं बनाया, केवल ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी राशि खर्च की है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब चार करोड़ रुपए की राशि खर्च होने के बाद सड़क पर आज भी बस और अन्य बडे़ वाहन नहीं चल रहे। इसके बाद ग्रामीण जब उच्च अधिकारियों से मिले तो उनको आश्वासन ही मिलते रहे हैं। उन्होंने यह तक कहा कि कुछ अधिकारियों ने पहले ग्रामीणों को यह भी बताया कि अगर सड़क की निष्पक्ष विजिलेंस जांच होती तो लोनिवि के अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। लोगों को सुनने के बाद मंत्री ने इस मामले की तुरंत विजिलेंस जांच के आदेश किए हैं।
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मंत्री बोले, लोनिवि की ठेकेदार के साथ फिक्सिंग
रोहडू़ जनमंच के दौरान लोक निर्माण विभाग की सबसे अधिक शिकायतें सामने आई है। इस दौरान ग्रामीण विकास पंचायतीराज, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा बजट उपलब्ध होने के बाद अगर सड़के सात से आठ सालों में नहीं बन रही तो विभाग क्या कर रहा है?
उन्होंने कहा इस मामले में ठेकेदार 1द्मस्द्भ लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच फिक्सिंग के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को बताया कि आज का मैन आफ दी मैच उनको ही मिलने वाला है। इसके अलावा काम करने के बाद ठेकेदार को भुगतान न होने का एक मामला भी जनमंच में उठाया गया।
इस दौरान कुछ लोगों ने बताया कि पब्बर नदी में बाढ़ आने पर मशीनों से काम करवाया गया है। मगर अभी तक करीब अस्सी लाख रुपए की राशि का भुगतान उनको नहीं किया जा रहा। जनमंच में लोनिवि के बाद बिजली बोर्ड की शिकायतें लोगों ने रखीं। मगर बिजली बोर्ड के अधिकारियों के जवाब सुनकर मंत्री संतुष्ट नजर आए। तीसरे स्थान पर जल शक्ति विभाग के खिलाफ लोगों ने शिकायतें रखीं। इसके अतिरिक्त विकास खंड कार्यालय और पुलिस विभाग के खिलाफ भी शिकायतें लोगों ने रखीं। इसको लेकर पंचायतीराज मंत्री ने संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
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लोगों की बात सुनने के बाद मंत्री वीरेंद्र कंवर ने उपायुक्त शिमला को निर्देश दिए कि इस सड़क के निर्माण को लेकर तुरंत विजिलेंस जांच करवाई जाए। ग्रामीणों ने जनमंच के दौरान विभाग की लापरवाही का मुद्दा भी खुलकर उठाया। लाकाधार निवासी सूरत सिंह ने मंत्री को बताया कि ग्रामीणों ने साठ लाख रुपए की चंदा आपस में जुटाकर सड़क को छोटे वाहनों के लिए खुद तैयार किया है। इसके बाद सड़क पर लोक निर्माण विभाग ने करीब चार करोड़ रुपए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत खर्च किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क को नहीं बनाया, केवल ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी राशि खर्च की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि करीब चार करोड़ रुपए की राशि खर्च होने के बाद सड़क पर आज भी बस और अन्य बडे़ वाहन नहीं चल रहे। इसके बाद ग्रामीण जब उच्च अधिकारियों से मिले तो उनको आश्वासन ही मिलते रहे हैं। उन्होंने यह तक कहा कि कुछ अधिकारियों ने पहले ग्रामीणों को यह भी बताया कि अगर सड़क की निष्पक्ष विजिलेंस जांच होती तो लोनिवि के अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। लोगों को सुनने के बाद मंत्री ने इस मामले की तुरंत विजिलेंस जांच के आदेश किए हैं।
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मंत्री बोले, लोनिवि की ठेकेदार के साथ फिक्सिंग
रोहडू़ जनमंच के दौरान लोक निर्माण विभाग की सबसे अधिक शिकायतें सामने आई है। इस दौरान ग्रामीण विकास पंचायतीराज, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा बजट उपलब्ध होने के बाद अगर सड़के सात से आठ सालों में नहीं बन रही तो विभाग क्या कर रहा है?
उन्होंने कहा इस मामले में ठेकेदार 1द्मस्द्भ लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच फिक्सिंग के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को बताया कि आज का मैन आफ दी मैच उनको ही मिलने वाला है। इसके अलावा काम करने के बाद ठेकेदार को भुगतान न होने का एक मामला भी जनमंच में उठाया गया।
इस दौरान कुछ लोगों ने बताया कि पब्बर नदी में बाढ़ आने पर मशीनों से काम करवाया गया है। मगर अभी तक करीब अस्सी लाख रुपए की राशि का भुगतान उनको नहीं किया जा रहा। जनमंच में लोनिवि के बाद बिजली बोर्ड की शिकायतें लोगों ने रखीं। मगर बिजली बोर्ड के अधिकारियों के जवाब सुनकर मंत्री संतुष्ट नजर आए। तीसरे स्थान पर जल शक्ति विभाग के खिलाफ लोगों ने शिकायतें रखीं। इसके अतिरिक्त विकास खंड कार्यालय और पुलिस विभाग के खिलाफ भी शिकायतें लोगों ने रखीं। इसको लेकर पंचायतीराज मंत्री ने संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।