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व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाएं : संघ

Thu, 30 Dec 2021 07:00 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 07:00 PM IST
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Make a policy on the lines of Haryana for Vocational Trainers: Union
व्यावसायिक शिक्षक संघ जिला किन्नौर इकाई के पदाधिकारी बैठक के दौरान। - फोटो : RAMPUR-HP
रिकांगपिओ (किन्नौर)। हरियाणा के तर्ज पर हिमाचल में भी वोकेशनल कर्मचारियों के लिए अलग नीति बनाए जाए। वर्षों से व्यावसायिक प्रशिक्षक स्कूलों में बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। इसके बावजूद सरकार प्रशिक्षकों की अनदेखी कर रही है। यह बात व्यावसायिक शिक्षक संघ जिला किन्नौर इकाई अध्यक्ष गौरव नेगी की ने रिकांगपिओ में आयोजित बैठक में कही। बैठक में कई मुद्दों पर मंथन किया गया।
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उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में हिमाचल और जिले भर के स्कूलों में कम वेतन में विकट भौगोलिक परिस्थितियों में पढ़ा रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें अनदेखी का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए नई नीति बनाने की मांग की। इससे वे परिवार का पालन-पोषण कर सकेंगे।
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बैठक में उपाध्यक्षा नैंसी नेगी, महासचिव कुसुम ठाकुर, सहसचिव संजीव कुमार, तकनीकी सचिव राजीव चौहान, कोषाध्यक्ष प्रवीन कुमार, सुनील कुमार, मोनिका ठाकुर, कानूनी सलाहकार कर्मचंद, राज भगत, प्याला देवी, मीडिया प्रभारी रोहित ठाकुर, कपिल कुमार और अजय शर्मा ने कहा कि वोकेशनल ट्रेनरों को हरियाणा के तर्ज पर अलग नीति बनाई जाए। उन्होंने जनजातीय भत्ता, शीतकालीन अवकाश भी दिया जाए। इससे रिकांगपिओ, कल्पा, कानम, कोठी, निचार, कटगांव, उरनी, चगांव, सांगला और रक्षम सहित जिले भर के दर्जनों स्कूलों में तैनात व्यवसायिक शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।
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