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Rampur Bushahar News: नौ को मुख्यमंत्री से शिमला में मिलेंगे लूहरी परियोजना के एक हजार प्रभावित
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परियोजना प्रभावित समस्याओं को लेकर खोलेंगे मोर्चा, गांव-गांव बैठकें कर तैयार कर रहे रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट 210 मेगावॉट प्रभावित कमेटी नौ अगस्त को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खू से मिलेगी। मांगों और समस्याओं को लेकर करीब एक हजार प्रभावित अपनी समस्याएं रखेंगे। हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और अध्यक्ष कृष्णा राणा ने कहा कि किसान सभा काफी समय से परियोजना प्रभावितों के मुद्दों को उठा रही है। उसके लिए आम जनता को लामबंद कर संघर्ष किया जा रहा है। इस कारण अभी तक नीरथ पंचायत में मकानों में आई दरारों का मुआवजा मिल चुका है। नीरथ, देलठ और देहरा में धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा भी मिल चुका है। वहीं, शमाथला पंचायत में मकानों में आई दरारों का सर्वे पूरा हो चुका है। गड़ेच, देहरा और शमाथला पंचायत में धूल से हुए फसलों के नुकसान का सर्वे भी पूरा कर दिया है, लेकिन अभी भी कुछ मांगें ऐसी हैं, जिसमें सरकार को नीति में बदलाव करना होगा ताकि परियोजना प्रभावितों की समस्याओं का आसानी से हल हो सके। इसमें मुख्य रूप से जो धूल से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 2011 की नीति बनी है। इस नीति के तहत केवल 900 मीटर तक ही फसल के हुए नुकसान का मुआवजा मिलता है। इससे बहुत कम लोग ही कवर हो रहे हैं। किसान सभा ने मांग उठाई है कि इस नीति को बदला जाए और सबको वास्तविकता के आधार पर फसल का मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा और भी मुद्दे हैं, जिसमें जिन परिवारों की जमीन परियोजना में अधिग्रहण की गई है, उन परिवारों को न तो एकमुश्त राशि दी गई है और न ही रोजगार दिया गया है। किसान सभा ने मांग की है कि इन परिवारों को एकमुश्त राशि ब्याज सहित दी जाए और रोजगार दिया जाए। सभी पंचायतों में सिंचाई के लिए डैम से पानी उठाया जाए। लाडा की राशि सभी पंचायतों को दी जाए। परियोजना प्रभावितों को परियोजना में रोजगार दिया जाए। वहीं, शनाह में सतलुज नदी पर पैदल चलने योग्य पुल बनाया जाए। नीरथ, भद्राश, दत्तनगर, नित्थर और बायल मे सीवरेज की व्यवस्था की जाए। मकानों में आई दरारों का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इसकी तैयारियों के लिए किसान सभा गांव-गांव में बैठकें कर किसानों को संगठित कर रही है और आगामी रणनीति तैयार की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट 210 मेगावॉट प्रभावित कमेटी नौ अगस्त को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खू से मिलेगी। मांगों और समस्याओं को लेकर करीब एक हजार प्रभावित अपनी समस्याएं रखेंगे। हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और अध्यक्ष कृष्णा राणा ने कहा कि किसान सभा काफी समय से परियोजना प्रभावितों के मुद्दों को उठा रही है। उसके लिए आम जनता को लामबंद कर संघर्ष किया जा रहा है। इस कारण अभी तक नीरथ पंचायत में मकानों में आई दरारों का मुआवजा मिल चुका है। नीरथ, देलठ और देहरा में धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा भी मिल चुका है। वहीं, शमाथला पंचायत में मकानों में आई दरारों का सर्वे पूरा हो चुका है। गड़ेच, देहरा और शमाथला पंचायत में धूल से हुए फसलों के नुकसान का सर्वे भी पूरा कर दिया है, लेकिन अभी भी कुछ मांगें ऐसी हैं, जिसमें सरकार को नीति में बदलाव करना होगा ताकि परियोजना प्रभावितों की समस्याओं का आसानी से हल हो सके। इसमें मुख्य रूप से जो धूल से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 2011 की नीति बनी है। इस नीति के तहत केवल 900 मीटर तक ही फसल के हुए नुकसान का मुआवजा मिलता है। इससे बहुत कम लोग ही कवर हो रहे हैं। किसान सभा ने मांग उठाई है कि इस नीति को बदला जाए और सबको वास्तविकता के आधार पर फसल का मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा और भी मुद्दे हैं, जिसमें जिन परिवारों की जमीन परियोजना में अधिग्रहण की गई है, उन परिवारों को न तो एकमुश्त राशि दी गई है और न ही रोजगार दिया गया है। किसान सभा ने मांग की है कि इन परिवारों को एकमुश्त राशि ब्याज सहित दी जाए और रोजगार दिया जाए। सभी पंचायतों में सिंचाई के लिए डैम से पानी उठाया जाए। लाडा की राशि सभी पंचायतों को दी जाए। परियोजना प्रभावितों को परियोजना में रोजगार दिया जाए। वहीं, शनाह में सतलुज नदी पर पैदल चलने योग्य पुल बनाया जाए। नीरथ, भद्राश, दत्तनगर, नित्थर और बायल मे सीवरेज की व्यवस्था की जाए। मकानों में आई दरारों का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इसकी तैयारियों के लिए किसान सभा गांव-गांव में बैठकें कर किसानों को संगठित कर रही है और आगामी रणनीति तैयार की जा रही है।
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