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Rampur Bushahar News: पहाड़ी क्षेत्रों में लिंगड़ की सब्जी बनी आजीविका का प्रमुख साधन

Sun, 14 Jun 2026 11:26 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:26 PM IST
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Lingad' vegetable has become a major source of livelihood in hilly regions
स्थानीय लोगों के लिए आजीविकी का साधन बनी प्राकृतिक रुप से उगने वाली लिंगड़ की सब्जी। संवाद
पांच सौ ग्राम की एक गुच्छी तीस रुपये से पचास रुपये तक बिक रही
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संवाद न्यूत एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली लिंगड़ की सब्जी स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन गई है। यह सब्जी मई से जुलाई तक चार हजार से नौ हजार फीट की ऊंचाई पर नदी-नालों के किनारे प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। स्थानीय लोग इसे एकत्रित कर बाजारों में बेचकर प्रतिदिन अच्छे पैसे कमा रहे हैं। लिंगड़ की करीब पांच सौ ग्राम की एक गुच्छी तीस रुपये से पचास रुपये तक बिकती है। यह सब्जी पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। जुलाई के बाद इसके तने सख्त हो जाते हैं, जिससे यह खाने योग्य नहीं रहती। हिमाचल प्रदेश के अलावा यह उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, दार्जलिंग, सिक्किम और असम में भी पाई जाती है। इसे विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। हिमाचल में लिंगड़ और कुल्लू में लिंगड़ी के नाम से जाना जाता है। कांगड़ा व हमीरपुर में इसे लुंगडु, उत्तराखंड में लांगुड़ा और जम्मू-कश्मीर में कसरोद कहते हैं। दार्जलिंग और सिक्किम में न्यूरो तथा असम में ढेकिया नाम से यह प्रसिद्ध है। इसका वैज्ञानिक नाम डिपलीजियम एस्कुलेंटम है। लिंगड़ की सब्जी के अलावा इसका स्वादिष्ट अचार भी बनाया जाता है। लोअर हिमाचल में इससे मधरा नामक पकवान बनता है, जो विवाह समारोहों में पसंद किया जाता है। यह सब्जी मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, आयरन और जिंक जैसे खनिजों से भरपूर है। इसमें विटामिन ए, बी कॉम्प्लेक्स और कैरोटीन भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मियों के तीन महीनों में यह कई रोगों के लिए लाभदायक मानी जाती है। गांव से लेकर शहरों तक लिंगड़ की भारी मांग है। स्थानीय लोग जंगलों से इसे एकत्रित कर बाजारों में आपूर्ति करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे घर-घर बेचकर भी लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। यह प्राकृतिक उपज पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस तरह लिंगड़ स्थानीय लोगों के लिए आय का एक स्थायी स्रोत बन गया है।
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