फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   land sliding in rampur

Rampur Bushahar News: खतरे को भांप बाढ़ग्रस्त कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में घर करवाए खाली

Fri, 28 Jul 2023 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर Updated Fri, 28 Jul 2023 10:47 PM IST
विज्ञापन
land sliding in rampur
बाढ़ के बाद भूस्खलन की चपेट में आया कांधार गांव  करवाया खाली
सुभाष सेन
विज्ञापन

रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत सरपारा के बाढ़ग्रस्त कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में मकानों को खतरे को देखते हुए खाली करवाया गया है। बाढ़ प्रभावितों को सरपारा पंचायत मुख्यालय में कैंप लगाकर ठहरने और खाने की व्यवस्था की गई है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब फिर से जीवन बसर करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है। बादल फटने से आई बाढ़ के कारण उक्त गांवों की करीब ढाई सौ हेक्टेयर भूमि खतरे की जद में आ गई है, जहां पर फिर से घर बसाना नामुमकिन सा बन गया है। पंचायत प्रतिनिधियों और प्रभावितों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सुरक्षित स्थान पर भूमि उपलब्ध करवाई जाए।

गौर हो कि गत मंगलवार देर रात को बादल फटने के कारण सरपारा पंचायत के कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में खासी तबाही मची थी। बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आने से कांधार गांव के चार मकानों सहित स्कूल और युवक मंडल का भवन बह गया था। दर्जनों घरों में दरारें आने के कारण खतरा बना हुआ है। खतरे को भांपते हुए कांधार गांव के करीब 50 से 60 घरों, शीलाभावी के 10 से 15 और खुडणा गांव के दो से तीन मकानों को खाली करवा दिया गया है, जिसके बाद करीब 250 से 300 लोगों को पंचायत मुख्यालय सरपारा में सुरक्षित स्थान मुहैया करवाया गया है। यहां पंचायत और मंदिर परिसर में कैंप लगाकर बाढ़ पीड़ितों को ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। हालांकि बाढ़ के तीन दिन बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का हाल जानने नहीं पहुंचा है। समेज से आगे सड़क बाधित होने के कारण प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। हालांकि बाढ़ पीड़ितों के लिए राशन सामग्री पंचायत, मंदिर कमेटी और स्थानीय ग्रामीणों की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रशासन से भी राशन सामग्री देने की मांग की गई है। ग्रामीण अपने स्तर पर बाधित मार्ग को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन


पंचायत प्रधान सरपारा मोहन लाल कपाटिया, उपप्रधान चुन्नी लाल ने बताया कि बाढ़ग्रस्त तीनों गांवों को खतरा बना हुआ है, जिस कारण घर खाली करवा दिए गए हैं। प्रभावितों को पंचायत भवन और मंदिर परिसर में कैंप लगाकर आश्रय दिया गया है। राशन सामग्री भेजने की गुहार लगाई गई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed