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सेब सीजन में पहुंचे 1200 से अधिक मजदूर
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रामपुर बुशहर। सेब बहुल क्षेत्रों में इन दिनों सेब का सीजन जोर शोर से शुरू हो गया है, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण कई इलाकों में बागवानों को मजदूरों की कमी खल रही है। रामपुर उपमंडल में अब तक बाहरी राज्यों से 1200 के करीब मजदूर सेब सीजन के लिए पहुंचे है, जिन्हें प्रशासनिक नियमों के अनुसार ही काम करने की इजाजत दी गई है।
रामपुर उपमंडल के ननखड़ी, सराहन, गौरा मशनू, 12/20 और 15/20 क्षेत्र में इन दिनों सेब सीजन चरम पर है। बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष मजदूरों की संख्या कम होने के चलते बागवानों को सेब मंडी तक पहुंचाने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कोरोना संक्रमण और नेपाल के साथ चल रहे तनाव के चलते नेपाल से इस वर्ष अपेक्षाकृत काफी कम मजदूरों का आना हो रहा है। रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन के लिए बाहरी राज्यों से करीब 1200 मजदूर पहुंचे हैं। इन मजदूरों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि के बाद ही कार्य करने की इजाजत दी गई है। हालांकि अभी तक करीब 900 मजदूरों ने क्वारंटीन का समय पूरा किया है, जबकि 300 मजदूर अभी भी क्वारंटीन में हैं। कोरोना संक्रमण के चलते बागवानों को इस वर्ष सेब सीजन निपटाना मुश्किलों भरा बना हुआ है। बागवानों को सेब सीजन के लिए मजदूरों को लाने के लिए काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं। बागवानों को पहले सेब सीजन से संबंधित दस्तावेज बनाने पड़ रहे हैं। विशेष फार्म भर कर मजदूरों का ब्योरा देना पड़ रहा है, जिसे संबंधित पंचायत प्रधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ही बागवान मजदूरों को काम पर लगा सकते हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से बागवानों को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर दिए गए दिशा निर्देशों का भी सख्ती से पालन करना होगा।
उधर, एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि सेब सीजन में मजदूरों को लाने के लिए बागवानों को फार्म भरना होगा, जिसे संबंधित पंचायत प्रधान की ओर से पुष्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूपी, बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से करीब 1200 मजदूर सेब सीजन के लिए रामपुर पहुंचे हैं। 900 ने क्वारंटीन का समय पूरा कर लिया है। उन्होंने बागवानों से कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सभी तरह की एहतियात बरतने की अपील की है।
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रामपुर उपमंडल के ननखड़ी, सराहन, गौरा मशनू, 12/20 और 15/20 क्षेत्र में इन दिनों सेब सीजन चरम पर है। बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष मजदूरों की संख्या कम होने के चलते बागवानों को सेब मंडी तक पहुंचाने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कोरोना संक्रमण और नेपाल के साथ चल रहे तनाव के चलते नेपाल से इस वर्ष अपेक्षाकृत काफी कम मजदूरों का आना हो रहा है। रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन के लिए बाहरी राज्यों से करीब 1200 मजदूर पहुंचे हैं। इन मजदूरों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि के बाद ही कार्य करने की इजाजत दी गई है। हालांकि अभी तक करीब 900 मजदूरों ने क्वारंटीन का समय पूरा किया है, जबकि 300 मजदूर अभी भी क्वारंटीन में हैं। कोरोना संक्रमण के चलते बागवानों को इस वर्ष सेब सीजन निपटाना मुश्किलों भरा बना हुआ है। बागवानों को सेब सीजन के लिए मजदूरों को लाने के लिए काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं। बागवानों को पहले सेब सीजन से संबंधित दस्तावेज बनाने पड़ रहे हैं। विशेष फार्म भर कर मजदूरों का ब्योरा देना पड़ रहा है, जिसे संबंधित पंचायत प्रधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ही बागवान मजदूरों को काम पर लगा सकते हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से बागवानों को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर दिए गए दिशा निर्देशों का भी सख्ती से पालन करना होगा।
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उधर, एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि सेब सीजन में मजदूरों को लाने के लिए बागवानों को फार्म भरना होगा, जिसे संबंधित पंचायत प्रधान की ओर से पुष्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूपी, बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से करीब 1200 मजदूर सेब सीजन के लिए रामपुर पहुंचे हैं। 900 ने क्वारंटीन का समय पूरा कर लिया है। उन्होंने बागवानों से कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सभी तरह की एहतियात बरतने की अपील की है।
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