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मनरेगा में जॉबकार्डधारकों को मिले 120 दिन का रोजगार
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मनरेगा की समस्याओं को लेकर किसान सभा निरमंड ने सौंपा ज्ञापन।
- फोटो : RAMPUR-HP
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। हिमाचल किसान सभा खंड इकाई निरमंड के प्रतिनिधिमंडल ने मनरेगा की समस्याओं और मजदूरों की मांगों को लेकर अधीक्षक राजेंद्र नेगी से मुलाकात की। सभा ने निरमंड खंड की 32 पंचायतों में मनरेगा में आ रही समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, निरमंड इकाई अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, सचिव जगदीश ने कहा कि विकास खंड में मनरेगा में हर जॉबकार्ड धारक को कानून के तहत 120 दिन का रोजगार नहीं मिल रहा है। जहां रोजगार मिल भी रहा है, वहां मनरेगा मजदूरों को मजदूरी समय पर नहीं मिल रही।
तीन महीने से मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। इससे महंगाई के दौर में मजदूरों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। विकास खंड की पंचायतों में कर्मचारियों की कमी से यह समस्या आ रही है। पहले जब 26 पंचायतें थी, तब भी कर्मचारी यही थे और आज पंचायतें बढ़कर 32 हो गई हैं तो आज भी कर्मचारी यही हैं। 32 पंचायतों में केवल 23 सचिव, 13 तकनीकी सहायक और 9 ग्राम रोजगार सेवक तैनात हैं। इससे कर्मचारियों के ऊपर भी काम का बोझ बढ़ गया है।
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इससे पंचायतों में विकासात्मक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। एक ओर सरकार विकास का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विभाग में एक भी नया पद सृजित करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। नई पंचायतों में कर्मचारियों की भर्ती करना सरकार की जिम्मेवारी है, जिसमें सरकार नाकाम रही है।
किसान सभा ने जॉबकार्ड धारकों को मनरेगा में 120 दिन का रोजगार, मजदूरी का तुरंत भुगतान, पंचायतों को समय पर निर्माण सामग्री देने, मनरेगा कानूनों को समझाने के लिए पंचायत में जागरूकता शिविर लगाने, असेसमेंट के नाम पर वेतन में कटौती नहीं करने की मांग की है। इस मौके पर सभा के परस राम, सन्नी राणा, दुर्गा नंद, श्याम लाल, पोविंद्र, कश्मीरी लाल, कमलेश, राजकुमारी, मान दासी, मधु, गीता देवी, जग्गा देवी और फूला देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, निरमंड इकाई अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, सचिव जगदीश ने कहा कि विकास खंड में मनरेगा में हर जॉबकार्ड धारक को कानून के तहत 120 दिन का रोजगार नहीं मिल रहा है। जहां रोजगार मिल भी रहा है, वहां मनरेगा मजदूरों को मजदूरी समय पर नहीं मिल रही।
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तीन महीने से मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। इससे महंगाई के दौर में मजदूरों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। विकास खंड की पंचायतों में कर्मचारियों की कमी से यह समस्या आ रही है। पहले जब 26 पंचायतें थी, तब भी कर्मचारी यही थे और आज पंचायतें बढ़कर 32 हो गई हैं तो आज भी कर्मचारी यही हैं। 32 पंचायतों में केवल 23 सचिव, 13 तकनीकी सहायक और 9 ग्राम रोजगार सेवक तैनात हैं। इससे कर्मचारियों के ऊपर भी काम का बोझ बढ़ गया है।
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इससे पंचायतों में विकासात्मक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। एक ओर सरकार विकास का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विभाग में एक भी नया पद सृजित करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। नई पंचायतों में कर्मचारियों की भर्ती करना सरकार की जिम्मेवारी है, जिसमें सरकार नाकाम रही है।
किसान सभा ने जॉबकार्ड धारकों को मनरेगा में 120 दिन का रोजगार, मजदूरी का तुरंत भुगतान, पंचायतों को समय पर निर्माण सामग्री देने, मनरेगा कानूनों को समझाने के लिए पंचायत में जागरूकता शिविर लगाने, असेसमेंट के नाम पर वेतन में कटौती नहीं करने की मांग की है। इस मौके पर सभा के परस राम, सन्नी राणा, दुर्गा नंद, श्याम लाल, पोविंद्र, कश्मीरी लाल, कमलेश, राजकुमारी, मान दासी, मधु, गीता देवी, जग्गा देवी और फूला देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।