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रूर्बन मिशन के तहत किन्नौर को मिले 30 करोड़ रुपये : सूरत नेगी
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दो रूर्बन क्लस्टरों में शामिल 11 पंचायतों में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। भाजपा नेता सूरत नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन शुरू किया है। इसके तहत किन्नौर को दो रूर्बन क्लस्टरों के माध्यम से कुल 30 करोड़ रुपये की विकास राशि मिली है। उन्होंने बताया कि देशभर में मिशन के तहत 300 रूर्बन क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 109 जनजातीय और 191 गैर-जनजातीय क्लस्टर शामिल हैं। किन्नौर के लिए स्वीकृत दोनों क्लस्टरों को 15-15 करोड़ रुपये मिले हैं। पहले क्लस्टर में मूरंग, ठंगी, कुन्नू-चारंग और रिस्पा पंचायतें, जबकि दूसरे में सांगला, कामरू, चांसू, थेमगारंग, बटसेरी, रकछम और छितकुल पंचायतें शामिल हैं। सूरत नेगी ने कहा कि सांगला क्लस्टर में शामिल पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करीब दो-दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं, मूरंग क्लस्टर की 15 करोड़ रुपये की राशि में से करीब 12.80 करोड़ रुपये मूरंग पंचायत और 2.20 करोड़ रुपये ठंगी, कुन्नू-चारंग और रिस्पा पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पेयजल, सड़क, गलियों, नालियों, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, कौशल विकास, कृषि-बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं सहित रोजगार के अवसर विकसित करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाकर पलायन रोकना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सूरत नेगी ने रूर्बन मिशन के तहत जनजातीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के प्रयासों से दोनों क्लस्टरों की डीपीआर समय पर तैयार कर केंद्र को भेजी गई, जिसके बाद परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। उन्होंने कहा कि रूर्बन मिशन के तहत सबसे प्रभावी कार्य मूरंग पंचायत में हुआ है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पंचायत के स्थानीय प्रतिनिधि और क्षेत्रवासी बधाई के पात्र हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। भाजपा नेता सूरत नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन शुरू किया है। इसके तहत किन्नौर को दो रूर्बन क्लस्टरों के माध्यम से कुल 30 करोड़ रुपये की विकास राशि मिली है। उन्होंने बताया कि देशभर में मिशन के तहत 300 रूर्बन क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 109 जनजातीय और 191 गैर-जनजातीय क्लस्टर शामिल हैं। किन्नौर के लिए स्वीकृत दोनों क्लस्टरों को 15-15 करोड़ रुपये मिले हैं। पहले क्लस्टर में मूरंग, ठंगी, कुन्नू-चारंग और रिस्पा पंचायतें, जबकि दूसरे में सांगला, कामरू, चांसू, थेमगारंग, बटसेरी, रकछम और छितकुल पंचायतें शामिल हैं। सूरत नेगी ने कहा कि सांगला क्लस्टर में शामिल पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करीब दो-दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं, मूरंग क्लस्टर की 15 करोड़ रुपये की राशि में से करीब 12.80 करोड़ रुपये मूरंग पंचायत और 2.20 करोड़ रुपये ठंगी, कुन्नू-चारंग और रिस्पा पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पेयजल, सड़क, गलियों, नालियों, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, कौशल विकास, कृषि-बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं सहित रोजगार के अवसर विकसित करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाकर पलायन रोकना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सूरत नेगी ने रूर्बन मिशन के तहत जनजातीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के प्रयासों से दोनों क्लस्टरों की डीपीआर समय पर तैयार कर केंद्र को भेजी गई, जिसके बाद परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। उन्होंने कहा कि रूर्बन मिशन के तहत सबसे प्रभावी कार्य मूरंग पंचायत में हुआ है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पंचायत के स्थानीय प्रतिनिधि और क्षेत्रवासी बधाई के पात्र हैं।