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Rampur Bushahar News: धूमधाम से मनाया जा रहा कडैल शिलगिरी बिशु मेला
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आराध्य देव कोटेश्वर महादेव को समर्पित है यह मेला
महिलाओं के लिए करवाई जाएगी रस्साकशी प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। कोटखाई क्षेत्र की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत का प्रतीक तीन दिवसीय बिशु मेला कडैल शिलगिरी में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह ऐतिहासिक मेला क्षेत्र के आराध्य देव कोटेश्वर महादेव को समर्पित है। यह मेला तीन नंबरदारियों खटरोट, घुंडा एवं कडैल का पारंपरिक एवं ऐतिहासिक मेला है, जिसे लोग रियासत काल से मनाते आ रहे हैं। इस वर्ष मेले में ठोडा दल दरोल और ठोडा दल बिशड़ी विशेष रूप से भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त मेले में महिलाओं के लिए विशेष रूप से रस्साकशी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। मेले के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक गायन, पारंपरिक नृत्य एवं सामाजिक आयोजन भी आयोजित किए जाएंगे। मेला समिति के अध्यक्ष रोशन चौहान ने बताया कि मेले का शुभारंभ रविवार को विधिवत पूजा-अर्चना और देव आशीर्वाद के साथ किया गया। मेला समिति के प्रधान राजेश वर्मा ने कहा कि यह आयोजन परगना चगांव के लोगों को एक मंच पर जोड़ने, आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करने और युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। ग्राम पंचायत घुंडा भरेच की प्रधान तनुजा शर्मा ने कहा कि यह मेला हमारी प्राचीन लोक संस्कृति, देव परंपरा एवं सामाजिक मूल्यों को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित करवाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मेले में क्षेत्र की पारंपरिक लोक संस्कृति, लोकनृत्य, लोक वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा और देव संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। मेले का मुख्य आकर्षण हिमाचल प्रदेश की प्राचीन और वीरता से परिपूर्ण पारंपरिक खेल ठोडा रहेगा।
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महिलाओं के लिए करवाई जाएगी रस्साकशी प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। कोटखाई क्षेत्र की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत का प्रतीक तीन दिवसीय बिशु मेला कडैल शिलगिरी में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह ऐतिहासिक मेला क्षेत्र के आराध्य देव कोटेश्वर महादेव को समर्पित है। यह मेला तीन नंबरदारियों खटरोट, घुंडा एवं कडैल का पारंपरिक एवं ऐतिहासिक मेला है, जिसे लोग रियासत काल से मनाते आ रहे हैं। इस वर्ष मेले में ठोडा दल दरोल और ठोडा दल बिशड़ी विशेष रूप से भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त मेले में महिलाओं के लिए विशेष रूप से रस्साकशी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। मेले के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक गायन, पारंपरिक नृत्य एवं सामाजिक आयोजन भी आयोजित किए जाएंगे। मेला समिति के अध्यक्ष रोशन चौहान ने बताया कि मेले का शुभारंभ रविवार को विधिवत पूजा-अर्चना और देव आशीर्वाद के साथ किया गया। मेला समिति के प्रधान राजेश वर्मा ने कहा कि यह आयोजन परगना चगांव के लोगों को एक मंच पर जोड़ने, आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करने और युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। ग्राम पंचायत घुंडा भरेच की प्रधान तनुजा शर्मा ने कहा कि यह मेला हमारी प्राचीन लोक संस्कृति, देव परंपरा एवं सामाजिक मूल्यों को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित करवाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मेले में क्षेत्र की पारंपरिक लोक संस्कृति, लोकनृत्य, लोक वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा और देव संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। मेले का मुख्य आकर्षण हिमाचल प्रदेश की प्राचीन और वीरता से परिपूर्ण पारंपरिक खेल ठोडा रहेगा।