{"_id":"6abf9da300bf0b40b302ebb7","slug":"it-was-the-villagers-themselves-who-gave-shelter-in-their-homes-to-those-left-homeless-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1035-171338-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: बेघर हुए लोगों को ग्रामीणों ने ही दिया अपने घरों में आसरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: बेघर हुए लोगों को ग्रामीणों ने ही दिया अपने घरों में आसरा
विज्ञापन
साइड स्टोरी
बेघर हुए लोगों को ग्रामीणों ने ही दिया अपने घरों में आसरा
. ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता, प्रभावित परिवारों के लिए बनाया खाना
. जले हुए आशियानों को देखकर आंसु नहीं रोक पा रहे बेघर हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। धार गांव में आग की घटना ने पांच परिवारों को बेघर कर दिया। हादसे में प्रभावित परिवार अपने कपड़ों को तक नहीं बचा सके। दुख की ऐसी घड़ी में ग्रामवासी और परिवार के अन्य लोग प्रभावितों के साथ खड़े हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रभावितों के ठहरने की व्यवस्था स्कूल में की जा रही थी, लेकिन गांव के अन्य परिवारों ने प्रभावितों के ठहरने की व्यवस्था अपने घरों ही कर दी। शुक्रवार को प्रभावितों के हौसला देने के लिए आसपास के ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। ऐसे समय में स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुटता का परिचय देते हुए सामूहिक रूप से हाल जानने आने वाले लोगों और प्रभावित परिवारों के खाना बनाया और परोसा। आगामी दिनों में भी प्रभावितों को कोई परेशानी न आए और उनकी हर संभव सहायता हो सके, इसके लिए ग्रामीणों ने बैठक कर आगे की योजना भी बनाई। वहीं, हादसे में बेघर हुए लोग जले हुए आशियानों को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। फिर से कैसे आशियाने खड़े हो पाएंगे, अब उनका इस बात की ही चिंता सता रही है।
विज्ञापन
बेघर हुए लोगों को ग्रामीणों ने ही दिया अपने घरों में आसरा
. ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता, प्रभावित परिवारों के लिए बनाया खाना
. जले हुए आशियानों को देखकर आंसु नहीं रोक पा रहे बेघर हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। धार गांव में आग की घटना ने पांच परिवारों को बेघर कर दिया। हादसे में प्रभावित परिवार अपने कपड़ों को तक नहीं बचा सके। दुख की ऐसी घड़ी में ग्रामवासी और परिवार के अन्य लोग प्रभावितों के साथ खड़े हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रभावितों के ठहरने की व्यवस्था स्कूल में की जा रही थी, लेकिन गांव के अन्य परिवारों ने प्रभावितों के ठहरने की व्यवस्था अपने घरों ही कर दी। शुक्रवार को प्रभावितों के हौसला देने के लिए आसपास के ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। ऐसे समय में स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुटता का परिचय देते हुए सामूहिक रूप से हाल जानने आने वाले लोगों और प्रभावित परिवारों के खाना बनाया और परोसा। आगामी दिनों में भी प्रभावितों को कोई परेशानी न आए और उनकी हर संभव सहायता हो सके, इसके लिए ग्रामीणों ने बैठक कर आगे की योजना भी बनाई। वहीं, हादसे में बेघर हुए लोग जले हुए आशियानों को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। फिर से कैसे आशियाने खड़े हो पाएंगे, अब उनका इस बात की ही चिंता सता रही है।