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Rampur Bushahar News: किन्नौर कैलाश यात्रा में ड्यटी देने वाले गृहरक्षकों को नहीं मिला मानदेय
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जिला प्रशासन से अदायगी न होने से जवान मायूस
जन प्रतिनिधियों ने चेताया-जल्द नहीं हुआ भुगतान, तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)।
प्रदेश की कठिनतम यात्राओं में शुमार किन्नौर कैलाश यात्रा में सेवाएं देने वाले गृहरक्षकों को पांच महीने बाद भी मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से गृहरक्षक आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिले की विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि गृहरक्षकों के समर्थन में उतरे हैं। जनप्रतिनिधियों ने चेताया है कि यदि जल्द ही जवानों को मानदेय नहीं दिया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे। जिला प्रशासन किन्नौर ने 15 जुलाई से 30 अगस्त तक किन्नौर कैलाश यात्रा का आयोजन किया था। यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात 20 गृह रक्षक जवानों ने दिनरात कठिन परिस्थितियों और जानजोखिम में डालकर अपनी सेवाएं दी थीं, लेकिन पांच महीने के बाद भी जिला प्रशासन इन गृहरक्षक जवानों को मानदेय नहीं दे पाया है। ड्यूटी के एवज में इन जवानों को करीब 6 लाख रुपये की अदायगी की जानी है, लेकिन प्रशासन की लेट लतीफी इन जवानों पर भारी पड़ रही है। महंगाई के दौर में बिना मानदेय गृहरक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उन्हें मानदेय देने के कोई ठोस बंदोबस्त नहीं हो पा रहे। कल्पा पंचायत की प्रधान सरिता नेगी, पूह के प्रधान राजेश नेगी, सांगला के प्रधान देवसांकी नेगी, निचार के प्रधान राजपाल नेगी, चांसू के प्रधान बीरबल लोक्टस, पूर्व प्रधान बसंती नेगी ने कहा कि करीब डेढ़ माह तक किन्नौर कैलाश यात्रा में इन जवानों ने जान की परवाह किए बगैर सेवाएं दी हैं। जिला प्रशासन का दायित्व बनता है कि इन जवानों को समय रहते मानदेय दिया जाए, लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी जवानों के हाथ खाली हैं। उन्होंने चेताया है कि यदि जल्द इन जवानों को मानदेय नहीं दिया जाता तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा अमित कल्थाइक ने बताया कि वन विभाग और यात्रा संचालन कमेटी को गृहरक्षकों की लंबित राशि देने बारे सूचित किया गया है। एक सप्ताह के भीतर इन जवानों को मानदेय दे दिया जाएगा।
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जन प्रतिनिधियों ने चेताया-जल्द नहीं हुआ भुगतान, तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)।
प्रदेश की कठिनतम यात्राओं में शुमार किन्नौर कैलाश यात्रा में सेवाएं देने वाले गृहरक्षकों को पांच महीने बाद भी मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से गृहरक्षक आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिले की विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि गृहरक्षकों के समर्थन में उतरे हैं। जनप्रतिनिधियों ने चेताया है कि यदि जल्द ही जवानों को मानदेय नहीं दिया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे। जिला प्रशासन किन्नौर ने 15 जुलाई से 30 अगस्त तक किन्नौर कैलाश यात्रा का आयोजन किया था। यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात 20 गृह रक्षक जवानों ने दिनरात कठिन परिस्थितियों और जानजोखिम में डालकर अपनी सेवाएं दी थीं, लेकिन पांच महीने के बाद भी जिला प्रशासन इन गृहरक्षक जवानों को मानदेय नहीं दे पाया है। ड्यूटी के एवज में इन जवानों को करीब 6 लाख रुपये की अदायगी की जानी है, लेकिन प्रशासन की लेट लतीफी इन जवानों पर भारी पड़ रही है। महंगाई के दौर में बिना मानदेय गृहरक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उन्हें मानदेय देने के कोई ठोस बंदोबस्त नहीं हो पा रहे। कल्पा पंचायत की प्रधान सरिता नेगी, पूह के प्रधान राजेश नेगी, सांगला के प्रधान देवसांकी नेगी, निचार के प्रधान राजपाल नेगी, चांसू के प्रधान बीरबल लोक्टस, पूर्व प्रधान बसंती नेगी ने कहा कि करीब डेढ़ माह तक किन्नौर कैलाश यात्रा में इन जवानों ने जान की परवाह किए बगैर सेवाएं दी हैं। जिला प्रशासन का दायित्व बनता है कि इन जवानों को समय रहते मानदेय दिया जाए, लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी जवानों के हाथ खाली हैं। उन्होंने चेताया है कि यदि जल्द इन जवानों को मानदेय नहीं दिया जाता तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा अमित कल्थाइक ने बताया कि वन विभाग और यात्रा संचालन कमेटी को गृहरक्षकों की लंबित राशि देने बारे सूचित किया गया है। एक सप्ताह के भीतर इन जवानों को मानदेय दे दिया जाएगा।