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निरमंड में जमीन और मकानों से बेदखली के खिलाफ 11 फरवरी को होगा प्रदर्शन : देवकी
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शारवी में हिमाचल किसान सभा ने बैठक में कई ज्वंलत मुद्दों पर किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। जमीन और मकानों से बेदखली के खिलाफ 11 फरवरी को निरमंड में विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए। हिमाचल किसान सभा की बैठक शिली पंचायत के शारवी गांव में वीरवार को हुुई बैठक में किसान सभा निरमंड खंड के अध्यक्ष देवकी नंद ने यह बात कही। बैठक में निरमंड में जमीन और मकानों से हो रही बेदखली के खिलाफ 11 फरवरी को विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की गई। वहीं अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी मंथन किया गया। बैठक में किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद ने कहा कि आज जिस तरह से प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय की आड़ में किसानों की बेदखली कर रही है और किसान सभा उसकी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि आज उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो गरीब हैं या जिन लोगों के पास जमीन बहुत कम है। प्रदेश सरकार भी उच्च न्यायालय में किसानों का पक्ष रखने में नाकामयाब रही है। इस कारण कोर्ट के आदेश पर यह कारवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए। किसान सभा ने मांग उठाई है कि 1980 के वन संरक्षण कानून में बदलाव किया जाए। वहीं, वन अधिकार कानून 2006 को लागू किया जाए। प्रदेश में तबादला नीति लाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में बैठकों का दौर जारी है और आगामी प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस मौके पर कबीर, प्रेम, संजीव, सुरजीत, धर्मपाल, विक्की, ओम प्रकाश, गोपाल और जगत सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। जमीन और मकानों से बेदखली के खिलाफ 11 फरवरी को निरमंड में विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए। हिमाचल किसान सभा की बैठक शिली पंचायत के शारवी गांव में वीरवार को हुुई बैठक में किसान सभा निरमंड खंड के अध्यक्ष देवकी नंद ने यह बात कही। बैठक में निरमंड में जमीन और मकानों से हो रही बेदखली के खिलाफ 11 फरवरी को विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की गई। वहीं अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी मंथन किया गया। बैठक में किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद ने कहा कि आज जिस तरह से प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय की आड़ में किसानों की बेदखली कर रही है और किसान सभा उसकी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि आज उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो गरीब हैं या जिन लोगों के पास जमीन बहुत कम है। प्रदेश सरकार भी उच्च न्यायालय में किसानों का पक्ष रखने में नाकामयाब रही है। इस कारण कोर्ट के आदेश पर यह कारवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए। किसान सभा ने मांग उठाई है कि 1980 के वन संरक्षण कानून में बदलाव किया जाए। वहीं, वन अधिकार कानून 2006 को लागू किया जाए। प्रदेश में तबादला नीति लाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में बैठकों का दौर जारी है और आगामी प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस मौके पर कबीर, प्रेम, संजीव, सुरजीत, धर्मपाल, विक्की, ओम प्रकाश, गोपाल और जगत सहित कई अन्य मौजूद रहे।