{"_id":"60abd4c88ebc3e7518650c16","slug":"heavy-hailstorm-in-chidgaon-tehsil-crops-were-destroyed-in-many-villages-apple-fruit-leaves-were-broken-and-scattered-on-the-ground-on-monday-afternoon-rampur-bushar-news-rampur-hp-news-sml371363516","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिड़गांव तहसील में भारी ओलावृष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिड़गांव तहसील में भारी ओलावृष्टि
विज्ञापन
रोहडू। तहसील चिड़गांव के कई गांवों में सोमवार दोपहर बाद ओलावृष्टि से सेब और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सेब के फल, पत्ते टूट कर जमीन पर बिखरे पडे़ हैं। गेहूं जो, मटर व अन्य फसलें तबाह हो गई हैं। साल की मेहनत तबाह होते देख किसान-बागवान परेशान हैं। जानकारी के अनुसार दोपहर बाद चिड़गांव तहसील के तहत हिंगोरी, राउसी, जाबल गांव में करीब आधे घंटे तक लगातार ओले गिरते रहे।
ग्रामवासी प्रमोद बरवाल, संदीप चौहान, लक्ष्मण बहादुर, राज कुमार, सुंदर लाल, गौतम लाल, जगदीश, दिनेश, महेश रॉकी नेगी, राम, पन्ना लाल, गुरुदयाल ने बताया कि ओले गिरने के बाद कई गांवों में लोग सदमे में है। उन्होंने कहा गांव में लोगों की आजीविका का साधन खेतीबाड़ी और बागवानी है। सोमवार को दिन के समय भारी ओलावृष्टि से सेब, आड़ू, बादाम, खुमानी सहित सभी फल पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने कहा लोगों को अब पौधे सूखने से बचाने के लिए मेहनत करनी पडे़गी। ग्रामीणों ने कहा गेहूं, जौ, मटर व अन्य फसलें, सब्जियों के खेत पूरे तबाह हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक सहायता का प्रावधान किया जाए। उन्होंने उपमंडल प्रशासन से भी नुकसान के आकलन करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा दूरदराज के इन गांवों में लोगों के पास न कोई रोजगार और न ही आजीविका का दूसरा साधन नहीं है। उन्होंने सरकार से राहत की मांग की है।
विज्ञापन
ग्रामवासी प्रमोद बरवाल, संदीप चौहान, लक्ष्मण बहादुर, राज कुमार, सुंदर लाल, गौतम लाल, जगदीश, दिनेश, महेश रॉकी नेगी, राम, पन्ना लाल, गुरुदयाल ने बताया कि ओले गिरने के बाद कई गांवों में लोग सदमे में है। उन्होंने कहा गांव में लोगों की आजीविका का साधन खेतीबाड़ी और बागवानी है। सोमवार को दिन के समय भारी ओलावृष्टि से सेब, आड़ू, बादाम, खुमानी सहित सभी फल पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने कहा लोगों को अब पौधे सूखने से बचाने के लिए मेहनत करनी पडे़गी। ग्रामीणों ने कहा गेहूं, जौ, मटर व अन्य फसलें, सब्जियों के खेत पूरे तबाह हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक सहायता का प्रावधान किया जाए। उन्होंने उपमंडल प्रशासन से भी नुकसान के आकलन करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा दूरदराज के इन गांवों में लोगों के पास न कोई रोजगार और न ही आजीविका का दूसरा साधन नहीं है। उन्होंने सरकार से राहत की मांग की है।
विज्ञापन