फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   health news kinnor health news kinnor

Rampur Bushahar News: डॉक्टर डेपुटेशन पर, दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीणाें का स्वास्थ्य रामभरोसे

Sat, 23 Nov 2024 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 11:55 PM IST
विज्ञापन
दो वर्ष से फार्मासिस्टों के सहारे चल रहा आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुमरा
विज्ञापन

15 किलोमीटर दूर जाकर उपचार करवाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के अति दुर्गम क्षेत्र सुमरा में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खुलने से सैकड़ाें ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की आस जगी थी, लेकिन बीते दो वर्ष से ग्रामीणों के स्वास्थ्य का जिम्मा दो फार्मासिस्ट के हवाले है। प्रदेश सरकार ने यहां डॉक्टर की तैनाती के आदेश तो किए, लेकिन आयुष विभाग ने डॉक्टर की तैनाती यहां न कर रिकांगपिओ स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में कर दी। ऐसे में ग्रामीणों में रोष है।
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न मिलने पर ग्रामीणों को बेहतर उपचार के लिए यहां से 15 किलोमीटर दूर ताबो जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अब बर्फबारी का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में बर्फबारी प्रभावित इस क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए खासी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और आयुर्वेदिक विभाग से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती करने की मांग उठाई है। गौर हो कि किन्नौर जिले के पूह खंड की दुर्गम पंचायत सुमरा में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र दो सालों से फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। हैरानी की बात है कि जिस डॉक्टर की यहां तैनाती की गई है, उसे डेपुटेशन पर आयुर्वेदिक अस्पताल रिकांगपिओ में रखा गया है, जबकि इनकी नियुक्ति निदेशक आयुष विभाग ने 10 अक्तूबर 2022 को सुमरा गांव में कांटेक्ट अपॉइंटमेंट के तौर पर की थी। अभी आयुष विभाग के निदेशक निपुण जिंदल ने 25 सितंबर को फिर दो माह के लिए डॉ. गगन दीप को रिकांगपिओ में रखने के आदेश जारी किए हैं। बताते चलें कि रिकांगपिओ आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें डॉ. संगीता नेगी, डॉ. कनिका नेगी और डॉ. शालिनी गुप्ता सेवाएं दे रही हैं। ऐसे में सुमरा में तैनात डाॅक्टर को रिकांगपिओ अस्पताल में लाना कितना तर्कसंगत है, जबकि रिकांगपिओ अस्पताल में तीन डॉक्टर पहले ही मरीजों का उपचार कर रहे थे, तो सुमरा गांव से डेपुटेशन पर डॉक्टर भेजना ग्रामीणों की समझ से परे है। गौर हो कि सुमरा अति दुर्गम और पिछड़ा क्षेत्र है और 250 से अधिक आबादी है। बीमारी की हालत में मरीज 15 किलोमीटर की दूरी तय कर ताबो जाकर उपचार करवाने को मजबूर हैं। पूह ब्लॉक के जिला परिषद सदस्य शांता नेगी ने कहा कि सुमरा गांव में तैनात डॉक्टर बीते दो वर्ष से रिकांगपिओ में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने आयुर्वेदिक विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताते हुए सुमरा स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती की मांग की है। सुमरा के ग्रामीण टाशी नेगी, लाल चंद, करग़ुयत नेगी और संज्ञा नेगी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने से मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल महिला मंडल भवन में एक छोटा से कमरे में चल रहा है, जिसमें दवाइयां और डॉक्टर एक साथ इसी में कमरे में रहते हैं। अभी आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए पंचायत ने भूमि चिह्नित की है।
विज्ञापन

उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा ने बताया कि सुमरा में तैनात डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति जून 2023 से डीटीएएच रिकांगपिओ में की गई थी। आयुष विभाग हिमाचल प्रदेश ने डॉ. गगन को क्षार सूत्र, मर्म चिकित्सा, कपिंग, जलौका, अग्निकर्म जैसी विशेषताओं का प्रशिक्षण दिया है, ताकि किन्नौर के लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके। यह सभी उपचार स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर संभव नहीं थे, इसी कारण उन्हें रिकांगपिओ अस्पताल में नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed