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Rampur Bushahar News: रोहड़ू क्षेत्र में जंगलों और घासनियों तक पहुंची बगीचों की आग
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प्रशासन की एडवाइजरी के बाद भी नहीं थम रहा बगीचों में आग लगाने का सिलसिला
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
बगीचों और खेतों में लगाई आग अब जंगलों और घासनियों तक पहुंच रही है। आग से चारों ओर धुआं फैल गया है। धुआं बढ़ने से दृश्यता (विजिबिलिटी) भी काफी कम हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर बगीचों में आग जलाने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद बगीचों में आग जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उपमंडल रोहड़ू क्षेत्र में जंगलों और घासनियों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसी घटनाएं बहुमूल्य वन संपदा, वन्य प्राणियों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। साथ ही गांवों, मानव जीवन, पशुधन और पेयजल स्रोतों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं। बगीचों में आग लगाने पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कमेटियों का गठन किया है। पंचायत प्रतिनिधियों को भी निगरानी रखने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके बावजूद बगीचों में आग लगाने का सिलसिला जारी है। हाल यह है कि बगीचों और घासनियों से आग जंगलों तक फैल रही है। एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने लोगों से आग्रह किया है कि वे जंगलों, घासनियों और उनके आसपास किसी भी प्रकार की आग न लगाएं। सूखी घास, पत्तों या कूड़े-कचरे को खुले में न जलाएं। आग लगने की किसी भी घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी प्रशासन, पुलिस या वन विभाग को दें। उन्होंने आमजन से अपने स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और आग की घटनाओं को रोकने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
बगीचों और खेतों में लगाई आग अब जंगलों और घासनियों तक पहुंच रही है। आग से चारों ओर धुआं फैल गया है। धुआं बढ़ने से दृश्यता (विजिबिलिटी) भी काफी कम हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर बगीचों में आग जलाने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद बगीचों में आग जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उपमंडल रोहड़ू क्षेत्र में जंगलों और घासनियों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसी घटनाएं बहुमूल्य वन संपदा, वन्य प्राणियों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। साथ ही गांवों, मानव जीवन, पशुधन और पेयजल स्रोतों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं। बगीचों में आग लगाने पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कमेटियों का गठन किया है। पंचायत प्रतिनिधियों को भी निगरानी रखने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके बावजूद बगीचों में आग लगाने का सिलसिला जारी है। हाल यह है कि बगीचों और घासनियों से आग जंगलों तक फैल रही है। एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने लोगों से आग्रह किया है कि वे जंगलों, घासनियों और उनके आसपास किसी भी प्रकार की आग न लगाएं। सूखी घास, पत्तों या कूड़े-कचरे को खुले में न जलाएं। आग लगने की किसी भी घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी प्रशासन, पुलिस या वन विभाग को दें। उन्होंने आमजन से अपने स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और आग की घटनाओं को रोकने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।