{"_id":"66868ebf41ccdf0dc90c0b48","slug":"garbage-plant-established-at-kinnaur-district-headquarters-reckong-peo-powari-at-a-cost-of-rs-89-lakh-problem-of-garbage-rampur-hp-news-c-178-1-ram1001-118282-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: पोवारी में 89 लाख से बना कूड़ा संयंत्र बेकार, खुले में फेंका और जलाया जा रहा कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: पोवारी में 89 लाख से बना कूड़ा संयंत्र बेकार, खुले में फेंका और जलाया जा रहा कूड़ा
विज्ञापन
8 महीने से सफाई कामगारों को भी नहीं मिली तनख्वाह
संवाद न्यूज एजेंंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर )। किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण से निकलने वाले कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करने के लिए पोवारी के पास वर्ष 2014 में लगभग 89 लाख की लागत से कूड़ा संयंत्र स्थापित किया था, लेकिन आज तक यह कूड़ा संयंत्र एक दिन भी सुचारु रूप से नहीं चला, जिससे इस संयंत्र का कोई लाभ नहीं हो रहा है। ऐसे में रिकांगपिओ बाजार से निकलने वाले हजारों टन कूड़े का ढेर पोवारी स्थित कूड़ा संयंत्र में पड़ा रहता है, जिससे दिनदहाड़े पोवारी के पास सड़क किनारे और सतलुज नदी किनारे खुले में फेंका जा रहा है या खुले में जलाया जा रहा है। कूड़े को खुले में जलाने से उठ रहे धुएं से पूरा क्षेत्र प्रदूषित हो रहा है। दूसरी तरफ डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले सफाई 18 से 20 कर्मचारियों को पिछले 8 महीनों से वेतन नहीं दिया है। मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार हर महीने 9 हजार रुपये तनख्वाह देता था। अभी ठेकेदार आठ हजार रुपये महीना दे रहा है, लेकिन 8 महीने से तनख्वाह नहीं दी है।
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सचिव एवं एसडीएम कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने कहा कि बजट नहीं होने के कारण ठेकेदार को राशि का भुगतान नहीं किया था। अब शिमला टीपीसी कार्यालय में बजट आया है, जैसे ही किन्नौर में बजट आएगा तो तुरंत ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। साडा के ठेकेदार को 2 बार खुले में कचरा नहीं जलाने का नोटिस दिया है, अब तीसरी बार नोटिस देने जा रहे हैं। पोवारी में बेकार पड़ा 89 लाख कूड़ा संयंत्र को जेएसडब्यू पॉवर प्रोजेक्ट ने सीएसआर के तहत लगाया था। जेएसडब्यू पॉवर प्रोजेक्ट को इस कि मरम्मत के लिए लिख दिया था। उन्होंने लिखित में जवाब दिया कि बेकार कूड़ा संयंत्र की मरम्मत नहीं करेंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर )। किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण से निकलने वाले कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करने के लिए पोवारी के पास वर्ष 2014 में लगभग 89 लाख की लागत से कूड़ा संयंत्र स्थापित किया था, लेकिन आज तक यह कूड़ा संयंत्र एक दिन भी सुचारु रूप से नहीं चला, जिससे इस संयंत्र का कोई लाभ नहीं हो रहा है। ऐसे में रिकांगपिओ बाजार से निकलने वाले हजारों टन कूड़े का ढेर पोवारी स्थित कूड़ा संयंत्र में पड़ा रहता है, जिससे दिनदहाड़े पोवारी के पास सड़क किनारे और सतलुज नदी किनारे खुले में फेंका जा रहा है या खुले में जलाया जा रहा है। कूड़े को खुले में जलाने से उठ रहे धुएं से पूरा क्षेत्र प्रदूषित हो रहा है। दूसरी तरफ डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले सफाई 18 से 20 कर्मचारियों को पिछले 8 महीनों से वेतन नहीं दिया है। मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार हर महीने 9 हजार रुपये तनख्वाह देता था। अभी ठेकेदार आठ हजार रुपये महीना दे रहा है, लेकिन 8 महीने से तनख्वाह नहीं दी है।
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सचिव एवं एसडीएम कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने कहा कि बजट नहीं होने के कारण ठेकेदार को राशि का भुगतान नहीं किया था। अब शिमला टीपीसी कार्यालय में बजट आया है, जैसे ही किन्नौर में बजट आएगा तो तुरंत ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। साडा के ठेकेदार को 2 बार खुले में कचरा नहीं जलाने का नोटिस दिया है, अब तीसरी बार नोटिस देने जा रहे हैं। पोवारी में बेकार पड़ा 89 लाख कूड़ा संयंत्र को जेएसडब्यू पॉवर प्रोजेक्ट ने सीएसआर के तहत लगाया था। जेएसडब्यू पॉवर प्रोजेक्ट को इस कि मरम्मत के लिए लिख दिया था। उन्होंने लिखित में जवाब दिया कि बेकार कूड़ा संयंत्र की मरम्मत नहीं करेंगे।
विज्ञापन