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भगवान के हो जाना ही भागवत का सार : श्रीनिवासाचार्य
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आनी के कराणा में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के समापन अवसर पर मौजूद ग्रामीण। संवाद
. कराणा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। कराणा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा का रविवार को पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। इस अवसर पर वेद विद्या आश्रम संस्कृत गुरुकुल पंचकूला से पधारे आचार्य श्रीनिवासाचार्य ने भागवत कथा के रहस्यों को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि भगवान के हो जाना ही भागवत का सार है। आचार्य श्रीनिवासाचार्य ने कहा कि भागवत मनुष्य को सच्चा इंसान बनना सिखाती है और जीवन का वास्तविक उद्देश्य बताती है। कथा के अंतिम दिन सुदामा-कृष्ण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उन्होंने मित्रता और निष्काम भक्ति की महिमा बताई। कार्यक्रम आयोजक चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित किया। इस अवसर पर गोपाल देव शर्मा, ज्ञान शर्मा, कुमत राम, मग्न चंद, रामानंद शर्मा, गंगाधर, रोशन शर्मा, भवानी दत्त, महेंद्र, लाल चंद, प्रधान रचना ठाकुर, वार्ड सदस्य देवेंद्र शर्मा और राम सिंह ठाकुर सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। कराणा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा का रविवार को पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। इस अवसर पर वेद विद्या आश्रम संस्कृत गुरुकुल पंचकूला से पधारे आचार्य श्रीनिवासाचार्य ने भागवत कथा के रहस्यों को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि भगवान के हो जाना ही भागवत का सार है। आचार्य श्रीनिवासाचार्य ने कहा कि भागवत मनुष्य को सच्चा इंसान बनना सिखाती है और जीवन का वास्तविक उद्देश्य बताती है। कथा के अंतिम दिन सुदामा-कृष्ण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उन्होंने मित्रता और निष्काम भक्ति की महिमा बताई। कार्यक्रम आयोजक चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित किया। इस अवसर पर गोपाल देव शर्मा, ज्ञान शर्मा, कुमत राम, मग्न चंद, रामानंद शर्मा, गंगाधर, रोशन शर्मा, भवानी दत्त, महेंद्र, लाल चंद, प्रधान रचना ठाकुर, वार्ड सदस्य देवेंद्र शर्मा और राम सिंह ठाकुर सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।