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तुन्न पंचायत के छह गांव के लिए बना पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त
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जगातखाना (रामपुर बुशरहर)। निमरंड खंड की तुन्न पंचायत के छह गांवों के लिए बना पैदल मार्ग भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया है। इन दिनों लोग यहां से जान जोखिम में डाल कर सफर कर रहे हैं, इस कारण हर समय हादसे की आशंका रहती है। तुन्न पंचायत के छह गांवों के लोगों के लिए रामपुर बाजार और अन्य स्थानों पर जाने के लिए यही एक रास्ता है। यहां से लोग दिन रात आवाजाही करते हैं। लेकिन पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने से यहां से सफर खतरे से खाली नहीं है।
7 अगस्त को हुई भारी बारिश से उक्त रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और पंचायत तुन्न को सूचना दी लेकिन आज तक रास्ता सही नहीं हो पाया है।
प्रशासन और पंचायत की ओर से रास्ते की मरम्मत न करने पर अब उक्त क्षतिग्रस्त रास्ते को वहां के स्थानीय लोगों ने अस्थाई तौर पर लोहे का एंगल और लड़की लगाकर कुछ हद तक सही कर दिया है, लेकिन फिर भी खतरा कम नहीं हुआ है।
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रास्ता क्षतिग्रस्त होने से तुन्न पंचायत के पुराना चाटी, सरलागाई, स्विासेरी, पिप्टीसेरी, कलाया दरमोट और गांव बील के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
क्षेत्र के लोगों में रोशन लाल, रतदास, नेम राम, धर्मचंद, सुरेश कुमार, शालिग राम, भगत राम, योगेश्वर मोहन और गोविंद ने बताया कि इन गांवों के लिए कुन्नी खड्ड से जो रास्ता शुरू होता है, उसे मनरेगा के तहत 2019 में क्रेटवाल दीवार लगाकर पक्का बनाया गया था, लेकिन 7 अगस्त रात को हुई बारिश से रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। पिछली साइड ढांक और अगली साइड सड़क होने पर अस्थाई रास्ता बनाना मुश्किल हो गया है। इस कारण गांवों का रास्ता पूरी तरह से बंद है। उन्होंने पटवारी और तहसीलदार को इस बारे में सूचना दे दी है, लेकिन आज तक पदैल रास्ते का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन और पंचायत से मांग की है जल्द उक्त रास्ते का निर्माण किया जाए।
उधर, नायब तहसीलदार उजागर सिंह ने बताया कि रास्ते का निर्माण पंचायत के अधीन में है। उन्होंने कहा कि पंचायत को सूचित कर जल्द रास्ता बना दिया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी न हो।
क्या कहना है पंचायत का
पंचायत प्रधान तुन्न देविका ने बताया कि रास्ता क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही इसे बनाने के लिए जोड़ तोड़ शुरू कर दी है, लेकिन बजट की कमी होने पर अभी रास्ता बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सुरक्षा दीवार लगाने के बाद ही रास्ते का निर्माण संभव हो सकता है।
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7 अगस्त को हुई भारी बारिश से उक्त रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और पंचायत तुन्न को सूचना दी लेकिन आज तक रास्ता सही नहीं हो पाया है।
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प्रशासन और पंचायत की ओर से रास्ते की मरम्मत न करने पर अब उक्त क्षतिग्रस्त रास्ते को वहां के स्थानीय लोगों ने अस्थाई तौर पर लोहे का एंगल और लड़की लगाकर कुछ हद तक सही कर दिया है, लेकिन फिर भी खतरा कम नहीं हुआ है।
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रास्ता क्षतिग्रस्त होने से तुन्न पंचायत के पुराना चाटी, सरलागाई, स्विासेरी, पिप्टीसेरी, कलाया दरमोट और गांव बील के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
क्षेत्र के लोगों में रोशन लाल, रतदास, नेम राम, धर्मचंद, सुरेश कुमार, शालिग राम, भगत राम, योगेश्वर मोहन और गोविंद ने बताया कि इन गांवों के लिए कुन्नी खड्ड से जो रास्ता शुरू होता है, उसे मनरेगा के तहत 2019 में क्रेटवाल दीवार लगाकर पक्का बनाया गया था, लेकिन 7 अगस्त रात को हुई बारिश से रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। पिछली साइड ढांक और अगली साइड सड़क होने पर अस्थाई रास्ता बनाना मुश्किल हो गया है। इस कारण गांवों का रास्ता पूरी तरह से बंद है। उन्होंने पटवारी और तहसीलदार को इस बारे में सूचना दे दी है, लेकिन आज तक पदैल रास्ते का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन और पंचायत से मांग की है जल्द उक्त रास्ते का निर्माण किया जाए।
उधर, नायब तहसीलदार उजागर सिंह ने बताया कि रास्ते का निर्माण पंचायत के अधीन में है। उन्होंने कहा कि पंचायत को सूचित कर जल्द रास्ता बना दिया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी न हो।
क्या कहना है पंचायत का
पंचायत प्रधान तुन्न देविका ने बताया कि रास्ता क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही इसे बनाने के लिए जोड़ तोड़ शुरू कर दी है, लेकिन बजट की कमी होने पर अभी रास्ता बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सुरक्षा दीवार लगाने के बाद ही रास्ते का निर्माण संभव हो सकता है।