{"_id":"66b36f7d6190dc7fdf0f4af8","slug":"flood-in-samej-kurpan-river-disaster-affected-samej-town-rampur-shimla-district-kullu-district-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-119855-2024-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: समेज और कुर्पण के सैलाब में बहीं 36 जिंदगियों \nका एक हफ्ते बाद भी कुछ सुराग नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: समेज और कुर्पण के सैलाब में बहीं 36 जिंदगियों का एक हफ्ते बाद भी कुछ सुराग नहीं
विज्ञापन
सतलुज नदी किनारे लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाते पुलिस जवान। संवाद
बाढ़ग्रस्त सीमांत क्षेत्र समेज कस्बे के शिमला जिले की खोदाई पूरी, अब कुल्लू जिले में हो रही, सतलुज नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन तेज
कुर्पण खड्ड में लापता हुए लोगों का भी नहीं लगा कोई सुराग
31 जुलाई को बादल फटने से आई थी समेज और कुर्पण खड्ड में बाढ़
36 लोग समेज कस्बे के बह गए थे, जिनमें 3 का मिले शव
10 एलएनटी मशीनों के जरिये लापता की तलाश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। निरमंड और रामपुर उपमंडल में 31 जुलाई को बादल फटने से आई बाढ़ में लापता हुए 36 लोगों का एक हफ्ते बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि, समेज और कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ में करीब 45 लोग लापता हो गए थे, जिनमें से नौ लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। इनमें से समेज से लापता तीन लोगों की पहचान हो चुकी है। वहीं, लापता लोगों की तलाश के लिए सतलुज नदी में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को भी तेज किया गया है। जिला प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। गौर हो कि 31 जुलाई बुधवार रात को श्रीखंड महादेव में बादल फटने से समेज और कुर्पण खड्ड किनारे बसे बागीपुल, केदस और ढरोपा में भारी तबाही मची थी। बादल फटने से समेज कस्बे का नामो-निशान मिट गया था और कस्बे से 36 लोग लापता हो गए थे। इनमें से लापता हुए तीन लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तीनों शव सौंप दिए हैं। आपदा के सातवें दिन बुधवार को समेज में सर्च ऑपरेशन चलता रहा। मौके पर 10 एलएनटी मशीनों के जरिये लापता हुए लोगों की तलाश की जा रही है। समेज कस्बा कुल्लू और शिमला जिले के सीमांत क्षेत्र में बसा हुआ है। शिमला जिला की ओर आने वाले आपदाग्रस्त इलाके में खोदाई का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन अब तक कोई लापता नहीं मिला है। वहीं, जिला कुल्लू की ओर आने वाले इलाके में अब खोदाई का कार्य शुरू हो गया है।
सर्च ऑपरेशन में जुटे 300 जवान
रेस्क्यू दल के 300 जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए हुए हैं। वहीं, आपदाग्रस्त इलाके के पांच संवेदनशील स्थानों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। सतलुज नदी में सुन्नी बांध स्थल तक सर्च ऑपरेशन तेज किया गया है। वहीं, सरपारा पंचायत की महिला का शव बुधवार को समेज पहुंचाया गया और यहां उसका अंतिम संस्कार हुआ। सर्च ऑपरेशन में जिला कुल्लू के निरमंड, जिला शिमला के कुमारसैन और जिला प्रशासन के अधिकारी बराबर नजरें बनाए हुए हैं। वहीं, आपदा प्रभावित कुर्पण खड्ड के इलाकों में भी रेस्क्यू दल के सैकड़ों जवान और मशीनों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
लापता लोगों की तलाश के लिए सतलुज नदी किनारे सर्च ऑपरेशन को तेज किया गया है। समेज में सर्च ऑपरेशन सातवें दिन भी जारी रहा। -अनुपम कश्यप, उपायुक्त शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
कुर्पण खड्ड में लापता हुए लोगों का भी नहीं लगा कोई सुराग
31 जुलाई को बादल फटने से आई थी समेज और कुर्पण खड्ड में बाढ़
36 लोग समेज कस्बे के बह गए थे, जिनमें 3 का मिले शव
10 एलएनटी मशीनों के जरिये लापता की तलाश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। निरमंड और रामपुर उपमंडल में 31 जुलाई को बादल फटने से आई बाढ़ में लापता हुए 36 लोगों का एक हफ्ते बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि, समेज और कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ में करीब 45 लोग लापता हो गए थे, जिनमें से नौ लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। इनमें से समेज से लापता तीन लोगों की पहचान हो चुकी है। वहीं, लापता लोगों की तलाश के लिए सतलुज नदी में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को भी तेज किया गया है। जिला प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। गौर हो कि 31 जुलाई बुधवार रात को श्रीखंड महादेव में बादल फटने से समेज और कुर्पण खड्ड किनारे बसे बागीपुल, केदस और ढरोपा में भारी तबाही मची थी। बादल फटने से समेज कस्बे का नामो-निशान मिट गया था और कस्बे से 36 लोग लापता हो गए थे। इनमें से लापता हुए तीन लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तीनों शव सौंप दिए हैं। आपदा के सातवें दिन बुधवार को समेज में सर्च ऑपरेशन चलता रहा। मौके पर 10 एलएनटी मशीनों के जरिये लापता हुए लोगों की तलाश की जा रही है। समेज कस्बा कुल्लू और शिमला जिले के सीमांत क्षेत्र में बसा हुआ है। शिमला जिला की ओर आने वाले आपदाग्रस्त इलाके में खोदाई का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन अब तक कोई लापता नहीं मिला है। वहीं, जिला कुल्लू की ओर आने वाले इलाके में अब खोदाई का कार्य शुरू हो गया है।
सर्च ऑपरेशन में जुटे 300 जवान
रेस्क्यू दल के 300 जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए हुए हैं। वहीं, आपदाग्रस्त इलाके के पांच संवेदनशील स्थानों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। सतलुज नदी में सुन्नी बांध स्थल तक सर्च ऑपरेशन तेज किया गया है। वहीं, सरपारा पंचायत की महिला का शव बुधवार को समेज पहुंचाया गया और यहां उसका अंतिम संस्कार हुआ। सर्च ऑपरेशन में जिला कुल्लू के निरमंड, जिला शिमला के कुमारसैन और जिला प्रशासन के अधिकारी बराबर नजरें बनाए हुए हैं। वहीं, आपदा प्रभावित कुर्पण खड्ड के इलाकों में भी रेस्क्यू दल के सैकड़ों जवान और मशीनों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
लापता लोगों की तलाश के लिए सतलुज नदी किनारे सर्च ऑपरेशन को तेज किया गया है। समेज में सर्च ऑपरेशन सातवें दिन भी जारी रहा। -अनुपम कश्यप, उपायुक्त शिमला
विज्ञापन

सतलुज नदी किनारे लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाते पुलिस जवान। संवाद

सतलुज नदी किनारे लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाते पुलिस जवान। संवाद