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Rampur Bushahar News: शलखर में बादल फटने आई बाढ़, 20 घंटे बाद एनएच-पांच बहाल
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किन्नौर जिले के शलखर के समीप बाढ़ का मलबा आने से 20 घंटे बाधित रहा एनएच 5। संवाद
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की दो बैरक और स्टोर में घुसा मलबा, पानी
सोमवार शाम को एनएच बाधित होने से पूह, काजा, स्पीति का कट गया था संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्राकृतिक आपदाों के दृष्टिगत किन्नौर जिला संवेदनशील बन गया है। सोमवार शाम को जिले के शलखर के पास गोथांग नाले में बादल फटने से आई बाढ़ के कारण नेशनल हाईवे-पांच पर यातायात अवरुद्ध हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे बाधित एनएच को बहाल कर दिया है। सड़क बहाल होने के बाद किन्नौर से पूह, काजा और स्पीति जाने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे शलखर के पास गोथांग नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई। नाले में काफी मात्रा में पानी और मलबा एनएच-पांच से होते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के परिक्षेत्र में पहुंच गया। बीआरओ के आवासीय क्षेत्र में मलबा और पानी घुस गया। संगठन के दो बैरक और एक स्टोर को मलबा और पानी भरने के कारण खाली करवाया गया। हालांकि, अब नाले में पानी का स्तर घट गया है। सोमवार देर शाम को आई इस बाढ़ के कारण एनएच-पांच भी यातायात के लिए बाधित हो गया था। इस कारण पूह, काजा और स्पीति की ओर जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई थी। वहीं, मंगलवार सुबह सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीनें और मजदूर बाधित एनएच को बहाल करने में जुट गए। सुबह 7 बजे एनएच को बहाल करने का कार्य शुरू हुआ और करीब 20 घंटे बाद बाधित एनएच पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। एनएच के बहाल होने के बाद किन्नौर से स्पीति और स्पीति की ओर से किन्नौर आने वाले वाहनों की सुचारु आवाजाही शुरू हो गई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कार्यवाहक ओसी समदू देवा आशीष कुंडू ने बताया कि बादल फटने से आई बाढ़ के कारण एनएच अवरुद्ध हो गया था। मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे बाधित एनएच को बहाल कर दिया गया। बाढ़ का मलबा संगठन के आवासीय क्षेत्र में घुस गया था। दो बैरक और स्टोर को मलबा भरने के कारण खाली करवाया गया है।
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सोमवार शाम को एनएच बाधित होने से पूह, काजा, स्पीति का कट गया था संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्राकृतिक आपदाों के दृष्टिगत किन्नौर जिला संवेदनशील बन गया है। सोमवार शाम को जिले के शलखर के पास गोथांग नाले में बादल फटने से आई बाढ़ के कारण नेशनल हाईवे-पांच पर यातायात अवरुद्ध हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे बाधित एनएच को बहाल कर दिया है। सड़क बहाल होने के बाद किन्नौर से पूह, काजा और स्पीति जाने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे शलखर के पास गोथांग नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई। नाले में काफी मात्रा में पानी और मलबा एनएच-पांच से होते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के परिक्षेत्र में पहुंच गया। बीआरओ के आवासीय क्षेत्र में मलबा और पानी घुस गया। संगठन के दो बैरक और एक स्टोर को मलबा और पानी भरने के कारण खाली करवाया गया। हालांकि, अब नाले में पानी का स्तर घट गया है। सोमवार देर शाम को आई इस बाढ़ के कारण एनएच-पांच भी यातायात के लिए बाधित हो गया था। इस कारण पूह, काजा और स्पीति की ओर जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई थी। वहीं, मंगलवार सुबह सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीनें और मजदूर बाधित एनएच को बहाल करने में जुट गए। सुबह 7 बजे एनएच को बहाल करने का कार्य शुरू हुआ और करीब 20 घंटे बाद बाधित एनएच पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। एनएच के बहाल होने के बाद किन्नौर से स्पीति और स्पीति की ओर से किन्नौर आने वाले वाहनों की सुचारु आवाजाही शुरू हो गई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कार्यवाहक ओसी समदू देवा आशीष कुंडू ने बताया कि बादल फटने से आई बाढ़ के कारण एनएच अवरुद्ध हो गया था। मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे बाधित एनएच को बहाल कर दिया गया। बाढ़ का मलबा संगठन के आवासीय क्षेत्र में घुस गया था। दो बैरक और स्टोर को मलबा भरने के कारण खाली करवाया गया है।