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नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को पांच साल का कारावास
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five imprisionment in attampt to rape case
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रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
मामले की पैरवी करने वाले उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल बताया कि 18 सितंबर 2015 को पीड़िता जिसकी उम्र 11 साल थी, अपनी दादी के साथ घास लेने घासनी में गई थी। यहां से लौटते समय उसकी दादी घास लेकर पहले घर वापस आ गई। इसी बीच पीड़िता को दोषी गोविंद सिंह मिला और उसे मोबाइल में अश्लील कुछ दिखाने की कोशिश करने लगा। पीड़िता की मनाही के बाद भी गोविंद ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगा।
पीड़िता जोर-जोर से चिल्लाई और जैसे तैसे उसकी गिरफ्त से छूटकर भाग निकलने में कामयाब हो पाई। इसके बाद दोषी ने उसका पीछा किया लेकिन उसके पकड़ने में नाकाम रहा। पीड़िता किसी दूसरे रास्ते से घर पहुंची और उसने आपबीती दादी को बताई। इसके बाद पुलिस थाना झकड़ी में गोविंद सिंह पर पोक्सो एक्ट और आईपीसी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच एसआई भूप सिंह द्वारा अमल में लाई।
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जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में चालान अदालत में पेश किया गया। यहां 11 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने गोविंद सिंह को दोषी पाया और वीरवार को अदालत ने उसे पांच साल के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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मामले की पैरवी करने वाले उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल बताया कि 18 सितंबर 2015 को पीड़िता जिसकी उम्र 11 साल थी, अपनी दादी के साथ घास लेने घासनी में गई थी। यहां से लौटते समय उसकी दादी घास लेकर पहले घर वापस आ गई। इसी बीच पीड़िता को दोषी गोविंद सिंह मिला और उसे मोबाइल में अश्लील कुछ दिखाने की कोशिश करने लगा। पीड़िता की मनाही के बाद भी गोविंद ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगा।
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पीड़िता जोर-जोर से चिल्लाई और जैसे तैसे उसकी गिरफ्त से छूटकर भाग निकलने में कामयाब हो पाई। इसके बाद दोषी ने उसका पीछा किया लेकिन उसके पकड़ने में नाकाम रहा। पीड़िता किसी दूसरे रास्ते से घर पहुंची और उसने आपबीती दादी को बताई। इसके बाद पुलिस थाना झकड़ी में गोविंद सिंह पर पोक्सो एक्ट और आईपीसी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच एसआई भूप सिंह द्वारा अमल में लाई।
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जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में चालान अदालत में पेश किया गया। यहां 11 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने गोविंद सिंह को दोषी पाया और वीरवार को अदालत ने उसे पांच साल के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।