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Rampur Bushahar News: रोहड़ू में आउटसोर्स कर्मचारियों ने उठाई स्थायी नीति की मांग, सरकार को दो माह का अल्टीमेटम
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सरस्वतीनगर में हुई आउटसोर्स कर्मचारी संघ की जुब्बल-रोहड़ू क्षेत्र की पहली ब्लॉक स्तरीय बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ की जुब्बल-रोहड़ू क्षेत्र की पहली ब्लॉक स्तरीय बैठक रविवार को सरस्वतीनगर में हुई। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने सरकार से 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा और स्थायी नीति बनाने की मांग की। संघ ने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को ठेकेदार बदलने के कारण रोजगार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग भी उठाई। बैठक में संगठन को ब्लॉक स्तर से मजबूत करने पर जोर दिया गया। कर्मचारियों को एकजुट कर आगामी संघर्ष की रूपरेखा तैयार की गई। संघ पदाधिकारियों ने 25 अगस्त को शिमला में हुए धरना-प्रदर्शन पर चर्चा की। उन्होंने 27 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश नेतृत्व की बैठक का भी जिक्र किया। संगठन ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से नीति बनाने को लेकर सकारात्मक रुख सामने आया है। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द कर्मचारियों के हित में ठोस और सम्मानजनक नीति बनाएगी।
बैठक में मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी बहाली का मुद्दा उठा। संघ ने सरकार से इन कर्मचारियों को जल्द वापस नियुक्त करने की मांग की। कार्यस्थल पर जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात कही गई। दिव्यांग हुए कर्मचारियों के परिवारों को भी मुआवजा और एक पात्र सदस्य को रोजगार देने की मांग की गई। संघ ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए दो माह का समय दिया है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस नीति नहीं बनी तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। बैठक में प्रत्येक ब्लॉक में बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन बैठकों में कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर पर संगठन को और मजबूत किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ की जुब्बल-रोहड़ू क्षेत्र की पहली ब्लॉक स्तरीय बैठक रविवार को सरस्वतीनगर में हुई। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने सरकार से 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा और स्थायी नीति बनाने की मांग की। संघ ने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को ठेकेदार बदलने के कारण रोजगार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग भी उठाई। बैठक में संगठन को ब्लॉक स्तर से मजबूत करने पर जोर दिया गया। कर्मचारियों को एकजुट कर आगामी संघर्ष की रूपरेखा तैयार की गई। संघ पदाधिकारियों ने 25 अगस्त को शिमला में हुए धरना-प्रदर्शन पर चर्चा की। उन्होंने 27 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश नेतृत्व की बैठक का भी जिक्र किया। संगठन ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से नीति बनाने को लेकर सकारात्मक रुख सामने आया है। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द कर्मचारियों के हित में ठोस और सम्मानजनक नीति बनाएगी।
बैठक में मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी बहाली का मुद्दा उठा। संघ ने सरकार से इन कर्मचारियों को जल्द वापस नियुक्त करने की मांग की। कार्यस्थल पर जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात कही गई। दिव्यांग हुए कर्मचारियों के परिवारों को भी मुआवजा और एक पात्र सदस्य को रोजगार देने की मांग की गई। संघ ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए दो माह का समय दिया है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस नीति नहीं बनी तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। बैठक में प्रत्येक ब्लॉक में बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन बैठकों में कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर पर संगठन को और मजबूत किया जाएगा।
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