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Rampur Bushahar News: डंसा के शिकारी धार जंगल में भड़की आग, लाखों की वन संपदा तबाह
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डंसा पंचायत के शिकारी धार जंगल में फैली आग बुझाने में युवाओं ने निभाई अहम भूमिका। संवाद
डंसा के शिकारी धार जंगल में भड़की आग, लाखों की वन संपदा तबाह
भीषण आग पर देर रात ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग ने आग पर पाया काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। नोगवैली के डंसा बीट के वन एरिया शिकारी धार डी-114 के जंगल में वीरवार देर रात को आग भड़क गई। आग से सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। शरारती तत्वों की ओर से जंगल में आग लगाने की आशंका है। वन विभाग की मुस्तैदी और ग्रामीणों के सहयोग से वीरवार देर रात भीषण आग पर काबू पाया गया अन्यथा हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र राख के ढेर में बदल जाता। आग को काबू पाने के लिए वनरक्षक सरजीत की अगुआई में वन विभाग की टीम ने गांव जगूनी और सनेई के ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। गांव के कई युवा ने बिना देर किए आग को बुझाने के लिए घटना स्थल को रवाना हुए। वन क्षेत्र कांडलू के ऊपर शुक्ली शाकर तक फैली भीषण आग को बुझाने में युवाओं ने जान को जोखिम में डालकर अग्निवीर की भूमिका निभाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वनरक्षक सरजीत और उनकी टीम ने युवाओं के साहस और समर्पण की भावना को तहेदिल से सलाम किया और भविष्य में भी वन विभाग को ऐसा ही भरपूर सहयोग देने की उम्मीद जताई। जिन युवाओं ने आग की घटना पर अंकुश लगाने में भरपूर सहयोग दिया, उनमें यशपाल, दुर्गा सिंह, महेश नेगी, प्रीतम नेगी, अमित मेहता, राज मेहता, तिलक राज नेगी, शिशुपाल हुडन, रोबिन जोशी, प्रताप हुडन, जगदीश हुडन और रोनी नेगी शामिल हैं। इन युवाओं ने अग्निवीर की भूमिका निभा कर निस्वार्थ सेवा और साहस का परिचय देकर पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के लिए मिसाल पेश की है।
हर साल होता है करोड़ों का नुकसान
आग की घटना से हर साल वन विभाग को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है। वन एरिया की सुरक्षा का जिम्मा इक्का-दुक्का चौकीदारों के हवाले रहता है। ऐसे में सड़क से दूर होने के चलते वन क्षेत्र में अग्निशमन जैसी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हो पातीं। आग की घटना में लाखों-करोड़ों की वन संपदा के साथ जंगली जीव जंतुओं के आशियाने भी नष्ट हो जाते हैं। वहीं, आग की घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वन विभाग आज तक सफल नहीं हो पाया। हालांकि, वन विभाग हर साल ऐसी घटनाओं में अज्ञात तत्वों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी जरूर दर्ज करता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। ग्रामीण भी शरारती तत्वों का पता लगाने में वन विभाग को सहयोग नहीं देते, ये भी एक बड़ा कारण माना जाता है।
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भीषण आग पर देर रात ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग ने आग पर पाया काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। नोगवैली के डंसा बीट के वन एरिया शिकारी धार डी-114 के जंगल में वीरवार देर रात को आग भड़क गई। आग से सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। शरारती तत्वों की ओर से जंगल में आग लगाने की आशंका है। वन विभाग की मुस्तैदी और ग्रामीणों के सहयोग से वीरवार देर रात भीषण आग पर काबू पाया गया अन्यथा हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र राख के ढेर में बदल जाता। आग को काबू पाने के लिए वनरक्षक सरजीत की अगुआई में वन विभाग की टीम ने गांव जगूनी और सनेई के ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। गांव के कई युवा ने बिना देर किए आग को बुझाने के लिए घटना स्थल को रवाना हुए। वन क्षेत्र कांडलू के ऊपर शुक्ली शाकर तक फैली भीषण आग को बुझाने में युवाओं ने जान को जोखिम में डालकर अग्निवीर की भूमिका निभाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वनरक्षक सरजीत और उनकी टीम ने युवाओं के साहस और समर्पण की भावना को तहेदिल से सलाम किया और भविष्य में भी वन विभाग को ऐसा ही भरपूर सहयोग देने की उम्मीद जताई। जिन युवाओं ने आग की घटना पर अंकुश लगाने में भरपूर सहयोग दिया, उनमें यशपाल, दुर्गा सिंह, महेश नेगी, प्रीतम नेगी, अमित मेहता, राज मेहता, तिलक राज नेगी, शिशुपाल हुडन, रोबिन जोशी, प्रताप हुडन, जगदीश हुडन और रोनी नेगी शामिल हैं। इन युवाओं ने अग्निवीर की भूमिका निभा कर निस्वार्थ सेवा और साहस का परिचय देकर पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के लिए मिसाल पेश की है।
हर साल होता है करोड़ों का नुकसान
आग की घटना से हर साल वन विभाग को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है। वन एरिया की सुरक्षा का जिम्मा इक्का-दुक्का चौकीदारों के हवाले रहता है। ऐसे में सड़क से दूर होने के चलते वन क्षेत्र में अग्निशमन जैसी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हो पातीं। आग की घटना में लाखों-करोड़ों की वन संपदा के साथ जंगली जीव जंतुओं के आशियाने भी नष्ट हो जाते हैं। वहीं, आग की घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वन विभाग आज तक सफल नहीं हो पाया। हालांकि, वन विभाग हर साल ऐसी घटनाओं में अज्ञात तत्वों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी जरूर दर्ज करता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। ग्रामीण भी शरारती तत्वों का पता लगाने में वन विभाग को सहयोग नहीं देते, ये भी एक बड़ा कारण माना जाता है।

डंसा पंचायत के शिकारी धार जंगल में फैली आग बुझाने में युवाओं ने निभाई अहम भूमिका। संवाद

डंसा पंचायत के शिकारी धार जंगल में फैली आग बुझाने में युवाओं ने निभाई अहम भूमिका। संवाद
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